राजधानी दिल्ली में नई दिल्ली रेलवे पुलिस ने एक बड़े चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने अगवा किए गए एक मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस की यह सफलता करीब 300 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा करने और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद हासिल हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे गैंग की सरगना प्रीति नाम की महिला है, जो बच्चों की तस्करी के नेटवर्क को संचालित कर रही थी। मामले के खुलासे के बाद दिल्ली समेत कई राज्यों में सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है।
डीसीपी भारत रेड्डी ने बताया कि 24 मार्च को सूचना मिली थी कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया है। बच्चे की मां रेलवे स्टेशन परिसर में काम करती है और घटना के समय बच्चा उसके साथ मौजूद था।
सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करना था, क्योंकि ऐसे मामलों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
जांच के दौरान पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और उसके आसपास लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई घंटों की जांच के बाद पुलिस को एक महिला बच्चे को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दी।
इसके बाद पुलिस ने महिला की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी शुरू की। जांच में पता चला कि गैंग के सदस्य लगातार बच्चे को एक-दूसरे के हवाले कर रहे थे ताकि पुलिस उनकी लोकेशन तक न पहुंच सके।
पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए लगभग 300 किलोमीटर तक आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। इस दौरान कई शहरों और स्थानों पर दबिश दी गई। आखिरकार पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया और गैंग की सरगना समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गैंग संगठित तरीके से बच्चों की तस्करी करता था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी बच्चों को किस उद्देश्य से ले जाते थे और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान मानव तस्करों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी बच्चे की गतिविधि संदिग्ध लगे या कोई व्यक्ति बच्चों के साथ असामान्य व्यवहार करता दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
यह ऑपरेशन आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक मासूम बच्चे की जिंदगी बचाई जा सकी।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


