मयूरभंज (ओडिशा): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के मयूरभंज जिले के दौरे के दौरान राज्य को लगभग 47 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को लोकतंत्र, विकास और जनभागीदारी का उत्सव बताया।
यह दौरा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 68वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव पहुंचकर स्थानीय धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की और आदिवासी समुदायों की पारंपरिक प्रकृति पूजा में भी हिस्सा लिया।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी रायरंगपुर में आयोजित ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन दिनों ओडिशा उत्सवों के रंग में रंगा हुआ है। हाल ही में राज्य में गण पर्व धूमधाम से मनाया गया और अब भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। उन्होंने कहा कि इन उत्सवों के बीच लोकतंत्र और विकास का भी उत्सव मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा में भाजपा सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और यह उपलब्धि राज्य के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचकर पूरे देश का मार्गदर्शन कर रही हैं। यह पूरे ओडिशा के लिए गर्व का विषय है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन संघर्ष, समर्पण और समाज सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह राष्ट्रपति के साथ पहाड़पुर भी गए, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा स्थापित एक स्कूल का दौरा किया और बच्चों के साथ समय बिताया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरे पर जो आत्मविश्वास और खुशी दिखाई दी, वह इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों को देखकर ऐसा लगा जैसे उनके बीच कोई राष्ट्रपति नहीं बल्कि एक मां मौजूद हो।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, उन पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन परियोजनाओं में बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई बड़े विकास कार्य शामिल हैं। इनका उद्देश्य राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ओडिशा के संसाधनों को नई संभावनाओं में बदलने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्कर्ष ओडिशा अभियान के तहत अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
इसके अलावा 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कई मेगा परियोजनाओं पर काम भी जारी है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से ओडिशा के औद्योगिक, शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।
फिलहाल, प्रधानमंत्री का यह दौरा आदिवासी सशक्तिकरण, विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


