रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के भविष्य को लेकर बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत को केवल विदेशी AI तकनीकों का उपयोग करने वाला देश नहीं बनना चाहिए, बल्कि अपनी स्वदेशी AI तकनीक विकसित करके दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए।
इस दौरान कंपनी ने Reliance Intelligence नाम से एक नई पहल की घोषणा की। रिलायंस का कहना है कि इसका उद्देश्य आम लोगों, कारोबारों और सरकारी संस्थाओं के लिए बड़े स्तर पर सस्ती और आसान AI सेवाएं उपलब्ध कराना है।
क्या है Reliance Intelligence?
Reliance Intelligence को कंपनी के भविष्य का प्रमुख इंजन माना जा रहा है। इसका लक्ष्य ऐसी AI सेवाएं तैयार करना है जो लोगों के रोजमर्रा के कामों को आसान बना सकें। इसमें पर्सनल असिस्टेंट, स्मार्ट कॉल मैनेजमेंट, कस्टमर सपोर्ट और ऑटोमेशन जैसी कई सुविधाएं शामिल होंगी।
मुकेश अंबानी ने कहा कि AI केवल एक तकनीक नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में देश की आर्थिक प्रगति और डिजिटल विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
यूजर्स को मिल सकती हैं ये नई AI सेवाएं
AI Care
AI Care एक स्मार्ट डिजिटल सहायता सेवा होगी, जो यूजर्स की समस्याओं को समझकर उनका समाधान देने में मदद करेगी। यह तकनीक ग्राहक सेवा को तेज और आसान बनाने का काम कर सकती है।
AI Call Agent
यह फीचर यूजर्स की ओर से कॉल मैनेज कर सकेगा। यह जरूरी कॉल्स को प्राथमिकता देगा और कई सामान्य बातचीत को ऑटोमेट करने में सक्षम हो सकता है। इससे समय की बचत होगी और कॉल मैनेजमेंट आसान होगा।
Personal AI Manager
पर्सनल AI मैनेजर यूजर्स के लिए डिजिटल सहायक की तरह काम करेगा। यह रोजमर्रा के कई कार्यों में मदद कर सकता है, जैसे कि रिमाइंडर सेट करना, शेड्यूल मैनेज करना, ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करना और विभिन्न डिजिटल गतिविधियों को व्यवस्थित करना।
भारत को AI में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत को केवल विदेशी AI प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी तकनीक विकसित होनी चाहिए जो भारतीय भाषाओं, भारतीय जरूरतों और भारतीय बाजार के अनुसार काम करे।
उनका मानना है कि भारत के पास बड़ी आबादी, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी प्रतिभा है, जिसकी मदद से देश AI क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।
कारोबार और सरकार को भी मिलेगा फायदा
Reliance Intelligence केवल आम उपभोक्ताओं के लिए नहीं होगा। इसका इस्तेमाल छोटे कारोबार, बड़े उद्योग और सरकारी संस्थाएं भी कर सकेंगी। इससे कामकाज की गति बढ़ेगी और कई प्रक्रियाएं पहले से ज्यादा आसान और प्रभावी बन सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, परिवहन और सरकारी सेवाओं में बड़ा बदलाव ला सकती है।
फिलहाल, कंपनी ने इन सेवाओं की लॉन्चिंग डेट और उपलब्धता से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। हालांकि, रिलायंस की इस घोषणा को भारत के AI सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


