अगर आप भी रोज़ाना टाइट पोनीटेल, बन या चोटी बनाकर घर से निकलती हैं, तो यह आदत आपके बालों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक लगातार टाइट हेयरस्टाइल रखने से बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है, जिससे बाल कमजोर होने लगते हैं और समय के साथ हेयर फॉल, हेयरलाइन पीछे जाना और यहां तक कि स्थायी गंजेपन जैसी समस्या भी हो सकती है।
आजकल व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं सुविधा और स्टाइल के लिए अक्सर टाइट पोनीटेल या बन बनाना पसंद करती हैं। हालांकि यह हेयरस्टाइल देखने में आकर्षक लगता है, लेकिन रोजाना इसे अपनाने से स्कैल्प और हेयर फॉलिकल्स पर लगातार दबाव पड़ता है। यही दबाव धीरे-धीरे बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार खिंचाव के कारण ट्रैक्शन एलोपेसिया नामक समस्या हो सकती है। यह एक प्रकार का हेयर लॉस है, जिसमें बालों पर लंबे समय तक तनाव पड़ने से हेयरलाइन पतली होने लगती है और माथे के पास बाल कम दिखाई देने लगते हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो कुछ हेयर फॉलिकल्स स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त भी हो सकते हैं।
टाइट पोनीटेल केवल बाल झड़ने का कारण ही नहीं बनती, बल्कि इससे सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। बालों को बहुत कसकर बांधने से स्कैल्प की त्वचा और नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे कई लोगों को लंबे समय तक सिर में दर्द महसूस होता है। जिन लोगों को पहले से माइग्रेन की समस्या है, उनके लिए यह आदत परेशानी को और बढ़ा सकती है।
इसके अलावा, रोज़ टाइट हेयरस्टाइल बनाने से बालों के टूटने, दोमुंहे बाल होने और बालों की प्राकृतिक चमक कम होने की शिकायत भी बढ़ सकती है। लगातार घर्षण और खिंचाव के कारण बाल बेजान और कमजोर दिखाई देने लगते हैं।
स्कैल्प की सेहत पर भी इसका असर पड़ता है। टाइट हेयरस्टाइल के कारण खुजली, लालपन, जलन और हल्की सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्मी और पसीने की वजह से हेयरलाइन के आसपास छोटे-छोटे पिंपल्स निकलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
यदि आप अपने बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखना चाहती हैं, तो कुछ आसान आदतें अपनाकर इन समस्याओं से बच सकती हैं। सबसे पहले रोज़ाना टाइट पोनीटेल या बन बनाने से बचें। जहां तक संभव हो, बालों को ढीला बांधें ताकि जड़ों पर अधिक दबाव न पड़े।
बाल बांधने के लिए रबर बैंड की जगह साटन या कपड़े वाले स्क्रंचीज का इस्तेमाल करें। इससे बालों पर कम घर्षण होता है और टूटने की संभावना भी कम रहती है। रात में सोते समय बालों को कसकर बांधने से बचें और यदि बांधना जरूरी हो, तो हल्की ढीली चोटी बनाएं।
इसके साथ ही रोज़ एक ही जगह से बाल बांधने की बजाय हेयरस्टाइल बदलते रहें। सप्ताह में एक या दो बार हल्के हाथों से स्कैल्प मसाज करने से रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ों को पोषण मिलता है।
यदि आपकी हेयरलाइन लगातार पीछे जा रही है, बाल असामान्य रूप से झड़ रहे हैं या स्कैल्प में दर्द बना रहता है, तो बिना देर किए त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा। सही समय पर देखभाल और अच्छी हेयर केयर आदतें अपनाकर बालों को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है।


