उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में रविवार को प्रशासन ने कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तीन मंजिला मजारनुमा निर्माण को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण यूपी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPSIDA) की भूमि पर किया गया था, जो ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में आती है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
रविवार सुबह भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर मौके पर पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे इलाके की घेराबंदी की गई, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। इसके बाद मशीनों की मदद से निर्माण को चरणबद्ध तरीके से गिराया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे अभियान की निगरानी की।
प्रशासन के मुताबिक, जिस स्थान पर यह निर्माण किया गया था, वह UPSIDA के अधीन आने वाली सरकारी भूमि है और औद्योगिक क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट का हिस्सा है। ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नियमानुसार प्रतिबंधित होता है। अधिकारियों का दावा है कि भूमि पर बिना वैध अनुमति के निर्माण किया गया था, इसलिए इसे हटाने की कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, इस निर्माण की शुरुआत वर्ष 2001 में एक छोटे ढांचे के रूप में हुई थी। समय के साथ इसमें लगातार विस्तार किया गया और धीरे-धीरे यह तीन मंजिला निर्माण में बदल गया। प्रशासन का आरोप है कि इस दौरान आसपास की सरकारी भूमि पर भी अतिक्रमण किया गया, जिससे निर्माण का क्षेत्रफल बढ़कर 300 वर्ग गज से अधिक हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस देकर निर्माण स्वयं हटाने का अवसर दिया गया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय और संबंधित विभागों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है।
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के कानून-व्यवस्था संबंधी विवाद से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। आसपास के क्षेत्र में यातायात को भी कुछ समय के लिए नियंत्रित किया गया ताकि मशीनों के संचालन में कोई बाधा न आए।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चाहे कोई भी व्यक्ति या संस्था हो, यदि सरकारी भूमि पर बिना अनुमति निर्माण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी भूमि पर निर्माण करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों की ग्रीन बेल्ट पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास के लिए महत्वपूर्ण होती है। इन क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण से पर्यावरणीय और प्रशासनिक दोनों तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी कारण ऐसे मामलों में समय-समय पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल प्रशासन ने मलबा हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। संबंधित विभाग अब पूरे क्षेत्र का सर्वे कर यह सुनिश्चित करेगा कि कहीं अन्य स्थानों पर भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा तो नहीं किया गया है। यदि भविष्य में ऐसे मामले सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने दोहराया है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय या व्यक्ति को लक्ष्य बनाकर नहीं, बल्कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और कानून का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों ने कहा कि सभी मामलों में समान रूप से कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


