अगर आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) या अन्य लघु बचत योजनाओं में निवेश करते हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई से 30 सितंबर 2026) के लिए सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को पहले की तरह ही बरकरार रखा है।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस तिमाही में किसी भी लघु बचत योजना की ब्याज दर में बदलाव नहीं किया गया है। यह लगातार नौवीं तिमाही है, जब सरकार ने इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई संशोधन नहीं किया है। इससे मौजूदा निवेशकों को पहले से तय दरों पर ही रिटर्न मिलता रहेगा।
सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत बनी रहेगी। वहीं नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर निवेशकों को पहले की तरह 7.7 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा।
बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना पर भी सरकार ने ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इस योजना में निवेश करने वालों को 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा, जो छोटी बचत योजनाओं में सबसे आकर्षक दरों में से एक है।
इसके अलावा तीन साल की सावधि जमा (Time Deposit) पर 7.1 प्रतिशत, डाकघर मासिक आय योजना (MIS) पर 7.4 प्रतिशत और डाकघर बचत खाते पर 4 प्रतिशत सालाना ब्याज पहले की तरह जारी रहेगा।
किसान विकास पत्र (KVP) में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी ब्याज दर 7.5 प्रतिशत ही रखी गई है। इस योजना में किया गया निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा, यानी निवेशकों को पहले जैसी ही परिपक्वता अवधि का लाभ मिलता रहेगा।
सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में बदलाव किया था। इसके बाद से लगातार नौ तिमाहियों तक सभी दरें स्थिर रखी गई हैं। इससे निवेशकों को अपने निवेश की योजना बनाने में स्थिरता और भरोसा मिलता है।
छोटी बचत योजनाएं खासतौर पर उन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं, जो सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित रिटर्न चाहते हैं। इनमें सरकारी गारंटी होने के कारण जोखिम भी बेहद कम माना जाता है। यही वजह है कि लाखों लोग PPF, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना और किसान विकास पत्र जैसी योजनाओं में लंबे समय तक निवेश करना पसंद करते हैं।
अगर आप भी सुरक्षित निवेश और निश्चित ब्याज दर चाहते हैं, तो ये योजनाएं अब भी एक अच्छा विकल्प बनी हुई हैं। सरकार के इस फैसले से मौजूदा निवेशकों को बिना किसी बदलाव के पहले जैसी ब्याज दरों का लाभ मिलता रहेगा।


