कर्नाटक के धारवाड़ जिले से महिलाओं की सुरक्षा और दहेज प्रथा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 29 वर्षीय स्टाफ नर्स प्रियंका कमलाकर की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में मृतका के पति समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि प्रियंका को शादी के बाद से ही दहेज की मांग, मोटापे और संतान न होने को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार प्रियंका कमलाकर की शादी 13 दिसंबर 2024 को धारवाड़ जिले के नवलगुंड तालुक के हनासी गांव निवासी बसवराज वड्डार के साथ हुई थी। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन शादी के करीब एक महीने बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदलने लगा। आरोप है कि पति और उसके परिवार के लोग प्रियंका पर मायके से अतिरिक्त नकदी और सोना लाने का दबाव बनाने लगे।
एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, प्रियंका को उसके मोटापे और मां न बन पाने को लेकर बार-बार अपमानित किया जाता था। परिवार के सदस्य कथित तौर पर उसे ताने देते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इसके अलावा प्रियंका की नौकरी से होने वाली आय पर भी ससुराल पक्ष की नजर थी। आरोप है कि उससे अपनी पूरी कमाई घरवालों को देने के लिए दबाव बनाया जाता था।
जांच में सामने आया है कि बसवराज वड्डार, रेनव्वा, सुभाष और सिद्धारमेश मिलकर प्रियंका को लगातार परेशान करते थे। पुलिस का कहना है कि यह प्रताड़ना केवल मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक भी थी। लगातार बढ़ते विवादों के कारण प्रियंका का वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण हो गया था और वह लंबे समय से उत्पीड़न का सामना कर रही थी।
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोप है कि बसवराज ने प्रियंका का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच अधिकारी अब मामले से जुड़े सभी साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दहेज की मांग और घरेलू प्रताड़ना का सिलसिला कब से चल रहा था और क्या पहले भी इस संबंध में किसी तरह की शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता भी बेहद जरूरी है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


