उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिला अस्पताल के मंडलीय चिकित्सा भवन में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं होने से अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा पसरा हुआ है और इलाज से लेकर जांच सेवाएं तक प्रभावित हो गई हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का सबसे अधिक असर अस्पताल की जांच सेवाओं पर पड़ा है। CT Scan, Ultrasound सहित कई महत्वपूर्ण जांचें बंद हैं। जांच न होने के कारण डॉक्टर कई मरीजों का उपचार शुरू नहीं कर पा रहे हैं। इससे दूर-दराज के गांवों और कस्बों से इलाज कराने आए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे, लेकिन जरूरी जांच न हो पाने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी भी देखने को मिली।
मामले पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) ने भी स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि अस्पताल पिछले दो दिनों से बिजली की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने कहा, “मैं भी दो दिन से अंधेरे में हूं।” उनके अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए संबंधित विभाग से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द व्यवस्था सामान्य हो सके।
बिजली संकट के कारण अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई वार्डों में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और जल्द बिजली बहाल होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में लगातार दो दिनों तक बिजली न रहना गंभीर चिंता का विषय है। उनका मानना है कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए अस्पताल में पर्याप्त वैकल्पिक बिजली व्यवस्था हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि मरीजों के इलाज पर कोई असर न पड़े।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन बिजली आपूर्ति सामान्य होने का इंतजार कर रहा है, जबकि मरीज और उनके परिजन जल्द समस्या के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


