राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रविवार से वायु गुणवत्ता में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी प्रमुख वजह ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के इलाकों से उठा धूलभरा तूफान है, जो उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ते हुए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच गया। इसके प्रभाव से वातावरण में धूल के महीन कणों की मात्रा तेजी से बढ़ी है और हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस धूलभरे तूफान के कारण पीएम10 (PM10) कणों का स्तर काफी बढ़ गया है। पीएम10 बड़े आकार के धूल कण होते हैं, जो हवा के साथ लंबी दूरी तय कर सकते हैं और वायु गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। इसके चलते दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में धुंध जैसी स्थिति देखने को मिली और लोगों को सांस लेने में असहजता महसूस हुई।
मौसम विभाग और वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों का कहना है कि यह धूल पश्चिमी एशिया के शुष्क क्षेत्रों से तेज हवाओं के साथ भारत की ओर पहुंची है। ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय प्रदूषण के साथ बाहरी धूल भी मिल जाती है, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में अचानक गिरावट दर्ज होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसे लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक शारीरिक गतिविधि सीमित रखने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम में बदलाव होता है या तेज हवाएं चलती हैं, तो आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां लगातार हवा की गुणवत्ता और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
दिल्ली-एनसीआर के लोगों से अपील की गई है कि वे वायु गुणवत्ता संबंधी आधिकारिक अपडेट पर ध्यान दें और विशेष रूप से संवेदनशील वर्ग के लोग स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें।


