जब भी सुपरफूड्स की बात होती है, तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले ब्लूबेरी, एवोकाडो या दूसरे महंगे विदेशी फल आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में मिलने वाला एक छोटा-सा देसी फल पोषण के मामले में किसी सुपरफूड से कम नहीं माना जाता? न्यूट्रिशन एक्सपर्ट लीमा महाजन के अनुसार, करौंदा ऐसा ही एक फल है, जिसे अगर ब्लूबेरी जैसी मार्केटिंग मिली होती, तो शायद इसकी कीमत भी कई गुना ज्यादा होती।
विशेषज्ञ के अनुसार, करौंदा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें फेनोलिक एसिड, फ्लेवोनॉयड्स और एंथोसायनिन जैसे प्राकृतिक पौध-आधारित यौगिक पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। हालांकि यह कहना कि करौंदा हर मामले में ब्लूबेरी से बेहतर है, वैज्ञानिक रूप से हर परिस्थिति में सिद्ध नहीं है। दोनों फलों के अपने-अपने पोषण संबंधी गुण हैं।
करौंदा फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद पेक्टिन और फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। पर्याप्त फाइबर का सेवन कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में भी सहायक हो सकता है।
इसके अलावा करौंदे में विटामिन C अच्छी मात्रा में पाया जाता है। विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने, त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने और आयरन के अवशोषण में मदद करता है। यदि करौंदे में आयरन भी मौजूद हो और उसे विटामिन C के साथ लिया जाए, तो यह शरीर में आयरन के उपयोग को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
कुछ शुरुआती शोधों में करौंदे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स को हृदय स्वास्थ्य, लिवर की सुरक्षा और ब्लड शुगर नियंत्रण से जोड़कर देखा गया है। हालांकि इन संभावित लाभों की पुष्टि के लिए अभी और व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक हैं। इसलिए इसे किसी बीमारी का इलाज मानने के बजाय संतुलित आहार का हिस्सा समझना अधिक उचित होगा।
अगर आप अपने दैनिक भोजन में करौंदे को शामिल करना चाहते हैं, तो इसकी चटनी एक स्वादिष्ट और आसान विकल्प हो सकती है। जुलाई से सितंबर के बीच यह फल कई जगह आसानी से उपलब्ध होता है।
करौंदे की चटनी बनाने की आसान विधि
इसके लिए आपको चाहिए—
ताजे करौंदे
प्याज
लहसुन
हरी या सूखी लाल मिर्च
साबुत धनिया
जीरा
स्वादानुसार नमक
इन सभी सामग्री को एक साथ मिक्सर में पीस लें। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा-सा नींबू का रस भी मिला सकते हैं। कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट और पौष्टिक करौंदे की चटनी तैयार हो जाएगी। इसे रोटी, पराठा, दाल-चावल या स्नैक्स के साथ परोसा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे विदेशी फलों के पीछे भागने के बजाय स्थानीय और मौसमी फलों को अपनी डाइट में शामिल करना अधिक व्यावहारिक और कई बार पोषण की दृष्टि से भी लाभदायक हो सकता है। करौंदा भी ऐसा ही एक मौसमी फल है, जो कम कीमत में कई पोषक तत्व प्रदान करता है।
अगर आपको कोई गंभीर बीमारी, एलर्जी या विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो अपने आहार में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।


