नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 के पहले दिन बिहार ने टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। देश के सबसे बड़े वैश्विक टेक्सटाइल आयोजन में पार्टनर स्टेट के रूप में शामिल बिहार ने निवेशकों, उद्योग जगत और आगंतुकों का खास ध्यान आकर्षित किया। इस आयोजन के दौरान राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे बिहार के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
चार दिवसीय भारत टेक्स 2026 का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। कार्यक्रम में वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, वस्त्र सचिव नीलम शामी राव, बिहार सरकार के उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भारत मंडपम के हॉल नंबर 11ए में स्थापित बिहार पवेलियन का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर राज्य की टेक्सटाइल क्षमता, पारंपरिक हस्तशिल्प और आधुनिक औद्योगिक विकास को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार तेजी से देश के उभरते हुए टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विकसित प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाओं और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
वहीं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार आज टेक्सटाइल और परिधान निर्माण के क्षेत्र में देश के सबसे संभावनाशील राज्यों में शामिल हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियां, पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने की पहल और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही 16 कंपनियों के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU)। नॉलेज सेशन के दौरान बिहार सरकार ने टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के साथ लगभग ₹1,476 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में 40,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। यदि ये परियोजनाएं निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो बिहार के वस्त्र उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है।
बिहार पवेलियन में कई प्रमुख कंपनियां और संस्थान अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा मधुबनी चित्रकला और टिकुली कला का लाइव प्रदर्शन भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इससे बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिल रही है।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार पवेलियन आधुनिक उद्योग और पारंपरिक कला के सुंदर समन्वय का उदाहरण है। उनके अनुसार, इस आयोजन से राज्य के उद्यमियों को नए बाजार, व्यापारिक साझेदार और निवेश के अवसर मिलने की उम्मीद है।
भारत टेक्स 2026 का आयोजन 17 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश के खरीदार, उद्योगपति और निवेशक बिहार की औद्योगिक क्षमता और निवेश संभावनाओं से रूबरू होंगे।
कुल मिलाकर, भारत टेक्स 2026 में बिहार की भागीदारी ने यह संकेत दिया है कि राज्य टेक्सटाइल और परिधान उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


