महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से खाद्य सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कथित दूध मिलावट के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,525 किलोग्राम व्हे पाउडर जब्त किया है। इस मामले में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई धाराशिव जिले के भूम शहर स्थित मधुबन ट्रेडिंग कंपनी पर की गई। एफडीए की टीम ने इंदिरानगर इलाके में स्थित इस प्रतिष्ठान पर छापेमारी की, जहां बड़ी मात्रा में व्हे पाउडर और व्हे परमिट पाउडर बरामद किया गया।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस पाउडर का इस्तेमाल दूध में मिलावट के लिए किया जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा।
एफडीए की कार्रवाई के बाद भूम पुलिस थाने में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सामग्री का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को कथित तौर पर व्हे पाउडर की बड़ी मात्रा में खरीद और बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन और बड़ी संख्या में बिक्री रिकॉर्ड सामने आए हैं। अब इन सभी दस्तावेजों की विस्तार से जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि व्हे पाउडर एक वैध डेयरी उत्पाद भी है, जिसका उपयोग कई खाद्य उत्पादों और पोषण संबंधी वस्तुओं में किया जाता है। लेकिन यदि इसका इस्तेमाल नियमों के विपरीत या खाद्य मिलावट के उद्देश्य से किया जाए, तो यह कानून का उल्लंघन माना जा सकता है। इसलिए इस मामले में जांच रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण होगी।
एफडीए अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां भी अनियमितता की सूचना मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जब्त किया गया व्हे पाउडर कहां से खरीदा गया, किन-किन स्थानों पर इसकी आपूर्ति की गई और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
यदि जांच में दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और एफडीए दोनों एजेंसियां मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। जब्त किए गए पाउडर के नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
यह कार्रवाई एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान की गंभीरता को दर्शाती है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें खाद्य पदार्थों में मिलावट या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।


