Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

अमेरिका पर ईरान का बड़ा पलटवार! Houthis को मिला सीक्रेट आदेश, क्या बंद होगा लाल सागर और होर्मुज?

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिकी कार्रवाई जारी रहती है तो संघर्ष केवल होर्मुज जलडमरूमध्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लाल सागर तक फैल सकता है। इससे वैश्विक व्यापार, तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिकी एयरबेस अज़राक पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इसके साथ ही बहरीन के शेख ईसा एयरबेस और कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस को भी मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।

IRGC का कहना है कि ये हमले अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किए गए हैं। ईरानी पक्ष के अनुसार, हालिया अमेरिकी हमलों के कारण अहवाज़ के एक अस्पताल से कैंसर पीड़ित बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। इसके अलावा ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि पहले हुए अमेरिकी हमलों में एक स्कूल को नुकसान पहुंचा था, जिसमें कई बच्चों की मौत हुई थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा है कि उसने ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई में कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं से जुड़े ठिकानों तथा तटीय निगरानी सुविधाओं पर हमले किए गए। ग्रेटर टुनब द्वीप और बंदर अब्बास क्षेत्र में भी सैन्य ऑपरेशन चलाए जाने की जानकारी दी गई है।

अमेरिका ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर को रोका गया, जो कथित रूप से ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, टैंकर को रोकने के लिए हेलफायर मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।

इन घटनाओं के बाद ईरान के कई हिस्सों, जिनमें तेहरान, पाकदाश्त, केशम द्वीप, बंदर अब्बास और चाबहार शामिल हैं, वहां धमाकों की खबरें सामने आईं। इसके बाद ईरान ने कई शहरों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए।

इसी बीच सबसे बड़ी चिंता ईरान की उस चेतावनी को लेकर है, जिसमें कहा गया है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो यमन में ईरान समर्थित हूती समूह लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट को भी निशाना बना सकता है। यदि ऐसा होता है तो दुनिया के दो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग—होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर—एक साथ प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों समुद्री मार्गों पर किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग उद्योग पर व्यापक असर डाल सकता है। इससे ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

हालांकि दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि कई मामलों में अभी तक नहीं हो पाई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील कर रहा है ताकि हालात और ज्यादा गंभीर न हों।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह टकराव केवल सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहेगा, या फिर इसका दायरा और बढ़कर पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका, ईरान और मध्य पूर्व के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles