भारत के विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा, पाकिस्तान, चीन, पश्चिम एशिया, बांग्लादेश और कई रणनीतिक परियोजनाओं को लेकर अहम सवालों के जवाब दिए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों, संप्रभुता और सुरक्षा के मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
सबसे पहले बात पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर यानी PoJK की। विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले पर भी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर तीखा निशाना साधा। रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का पाकिस्तान का रिकॉर्ड पूरी दुनिया के सामने है और आतंकवाद को सरकारी नीति के औजार की तरह इस्तेमाल करने की उसकी भूमिका किसी से छिपी नहीं है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भी भारत ने चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी संघर्ष में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यक एडवाइजरी जारी की गई है।
सरकार ने बताया कि भारत और फारस की खाड़ी के बीच समुद्री व्यापार सामान्य रूप से जारी है और इस समय कई भारतीय ध्वज वाले जहाज इस क्षेत्र में परिचालन कर रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी जरूरतों के अनुसार विभिन्न देशों से कच्चे तेल का आयात करता रहेगा।
ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की। बताया गया कि अमेरिका की ओर से दी गई छूट पहले ही समाप्त हो चुकी है और भारत आगे की रणनीति पर संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है। हालिया हमलों की खबरों के बावजूद भारत द्वारा संचालित टर्मिनल सुरक्षित है और उसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर भी सरकार ने जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और जापान के बीच परियोजना को लेकर सहयोग जारी है। शुरुआती चरण में भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन से संचालन शुरू करने की योजना है ताकि परियोजना में अनावश्यक देरी न हो। सरकार का लक्ष्य 2027 में पहले चरण को शुरू करने का बना हुआ है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को औपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ है। फिलहाल इस मामले में कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के अनुसार विचार किया जा रहा है और उचित समय पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
कुल मिलाकर विदेश मंत्रालय की इस प्रेस ब्रीफिंग का संदेश साफ था कि भारत अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जुड़े हर मुद्दे पर स्पष्ट और दृढ़ रुख बनाए हुए है। चाहे PoJK का मामला हो, सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया में भारतीयों की सुरक्षा, चाबहार बंदरगाह या बुलेट ट्रेन परियोजना—सरकार ने दोहराया कि हर फैसला राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया जाएगा।


