उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर में 574 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 57 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अब न कर्फ्यू है, न दंगा है, बुलंदशहर में सब चंगा है।”
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज वही प्रदेश विकास के कई क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासन के कारण उत्तर प्रदेश ने “बॉटम से टॉप” तक का सफर तय किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है। उनके अनुसार, भारत में बनने वाले करीब 55 प्रतिशत मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा देश में बनने वाले लगभग 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उत्पादन भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में निवेश बढ़ा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सड़कों और कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान खराब सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से होती थी, लेकिन अब प्रदेश में आधुनिक एक्सप्रेसवे, चौड़ी सड़कें और बेहतर परिवहन व्यवस्था विकसित की गई है। उनका दावा था कि आज उत्तर प्रदेश की सड़कें देश के कई राज्यों से बेहतर हैं।
मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर में शुरू की गई विकास परियोजनाओं को क्षेत्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को विकास का सीधा लाभ मिलेगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के लिए चर्चा में रहता था, जबकि अब प्रदेश निवेश, उद्योग और विकास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है।


