केरल के पलक्कड़ जिले के चर्चित नेन्मारा डबल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पलक्कड़ की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 61 वर्षीय चेंथमारा को दोहरे हत्याकांड का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जनवरी 2025 में हुई इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज की अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने (Wrongful Restraint) का दोषी माना। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्य आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और मजबूत हैं।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 81 गवाहों के बयान और 28 अहम सबूत पेश किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपी ने ही इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था।
मामले के अनुसार, 27 जनवरी 2025 को पलक्कड़ जिले के नेन्मारा के पास पोथुंडी इलाके में आरोपी चेंथमारा ने अपने पड़ोसी सुधाकरण और उनकी मां लक्ष्मी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि एक ही परिवार के दो सदस्यों की निर्मम हत्या समाज को झकझोर देने वाला अपराध है। इसी वजह से इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में रखा गया और दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में कठोर सजा देना न्याय व्यवस्था और समाज दोनों के हित में आवश्यक है। साथ ही दोषी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस फैसले को केरल के चर्चित आपराधिक मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। 81 गवाहों और 28 मजबूत सबूतों के आधार पर अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाते हुए यह संदेश दिया कि गंभीर अपराधों के मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करता है।


