भोपाल के जहांगीराबाद इलाके में SAF बटालियन के एक पुलिस कांस्टेबल पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप लगा है। आरोपी ने अपनी बेटी के जन्मदिन का बहाना बनाकर छात्रा को अपने सरकारी आवास पर बुलाया था। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक दूसरा कांस्टेबल भी गिरफ्तार हुआ है।
जानकारी के अनुसार आरोपी कांस्टेबल पहले से नाबालिग छात्रा को जानता था। उसने छात्रा से कहा कि घर पर बेटी का जन्मदिन मनाया जा रहा है और उसे भी आना है। छात्रा आरोपी की बातों पर भरोसा करके सरकारी क्वार्टर पहुंच गई। वहां पहुंचते ही आरोपी ने दरवाजा बंद कर दिया और छात्रा को बाहर जाने से रोक दिया।
आरोप है कि इसके बाद कांस्टेबल ने छात्रा के साथ जबरदस्ती की और दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी का एक साथी भी घर पर मौजूद था। वह भी SAF में आरक्षक के पद पर तैनात है। शिकायत में कहा गया है कि दूसरा आरोपी अपने 4 साल के बेटे के साथ घर के बाहर खड़ा होकर पहरा दे रहा था ताकि अंदर क्या हो रहा है इसकी किसी को खबर न लगे।
घटना के बाद किसी तरह छात्रा वहां से निकली और उसने घर जाकर अपने परिजनों को पूरी बात बताई। परिजन तुरंत जहांगीराबाद थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार दोनों आरोपी SAF बटालियन में तैनात बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया है और आगे की जांच जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल दोनों को सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पीड़िता का मेडिकल कराया जा चुका है और उसके बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए हैं। प्रशासन की तरफ से पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और काउंसलिंग देने की बात कही गई है। बाल कल्याण समिति भी इस मामले में लगातार संपर्क में है। पुलिस अब ये भी पता लगा रही है कि आरोपी और पीड़िता के बीच पहले से किस तरह के संबंध थे।
कानूनी जानकारों का कहना है कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला बहुत गंभीर श्रेणी में आता है। BNS के तहत दोषी साबित होने पर आरोपियों को कड़ी सजा और जुर्माना हो सकता है। साथ ही पुलिस विभाग में भी इस तरह के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति है। इसीलिए विभागीय स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जिनकी जिम्मेदारी आम जनता की सुरक्षा करना है, अगर वही इस तरह के अपराध करेंगे तो भरोसा किस पर किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी लोग दोनों आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस वारदात में कोई और शामिल तो नहीं था। सरकारी आवास में हुई इस घटना के बाद क्वार्टर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि आगे से इस तरह की घटनाएं न हों इसके लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।
ये मामला एक बार फिर दिखाता है कि वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मजबूत चालान पेश किया जाएगा ताकि उन्हें जल्द सजा मिल सके।


