कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला डबल्स लॉन बॉल्स टीम का शानदार जीत का सिलसिला आखिरकार थम गया। ग्लासगो में खेले गए मुकाबले में रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की भारतीय जोड़ी को नामीबिया के खिलाफ टाई-ब्रेकर में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि इस हार के बावजूद भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अभी भी बरकरार हैं। अब टीम की नजर अपने अगले और बेहद अहम मुकाबले पर टिकी हुई है।
मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रही। पहले सेट में नामीबिया ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7-5 से बढ़त हासिल की। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत में संघर्ष जरूर किया, लेकिन निर्णायक मौकों पर नामीबिया ने बढ़त बनाए रखी और पहला सेट अपने नाम कर लिया।
पहला सेट गंवाने के बाद रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह ने शानदार वापसी की। दूसरे सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए नामीबिया को 10-1 से हराया और मुकाबले को टाई-ब्रेकर तक पहुंचा दिया। इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम की वापसी की उम्मीदें मजबूत कर दी थीं।
हालांकि निर्णायक टाई-ब्रेकर में भारतीय टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। नामीबिया ने दबाव के क्षणों में बेहतर खेल दिखाया और 3-0 से जीत दर्ज करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ भारत का लगातार जीत का सिलसिला भी समाप्त हो गया।
यह प्रतियोगिता में भारत का चौथा मुकाबला था और इनमें से तीसरी बार मैच का फैसला टाई-ब्रेकर से हुआ। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने माल्टा और टोंगा के खिलाफ भी रोमांचक मुकाबलों में टाई-ब्रेकर के जरिए जीत हासिल की थी। लगातार दबाव वाले मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम इस बार निर्णायक क्षणों में बढ़त नहीं बना सकी।
इसके बावजूद भारतीय टीम की सेमीफाइनल की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं। दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को हराकर ग्रुप की स्थिति को और रोमांचक बना दिया। इसके बाद भारत, नामीबिया और इंग्लैंड के अंक बराबर हो गए हैं, जिससे अंतिम लीग मुकाबलों का महत्व और बढ़ गया है।
अब भारतीय महिला जोड़ी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला है। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को इस मैच में जीत दर्ज करना बेहद जरूरी माना जा रहा है। इंग्लैंड को लॉन बॉल्स की मजबूत टीमों में गिना जाता है, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष, धैर्य और जुझारूपन का शानदार परिचय दिया है। एक हार के बावजूद टीम के पास अंतिम चार में जगह बनाने का अवसर मौजूद है। अब खेल प्रेमियों की नजर इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर होगी, जहां जीत भारत के लिए सेमीफाइनल का रास्ता आसान बना सकती है।


