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Women Health: कम पानी पीने से बढ़ सकता है Cortisol Level, क्या बिगड़ सकता है पीरियड्स का पूरा चक्र? जानें सच्चाई

शरीर में पानी की कमी केवल प्यास या थकान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। पर्याप्त हाइड्रेशन शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने पर तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) का स्तर बढ़ सकता है, जिससे हार्मोनल संतुलन प्रभावित होने की संभावना रहती है। हालांकि, केवल पानी की कमी को पीरियड्स में गड़बड़ी का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।

डिहाइड्रेशन और हार्मोनल हेल्थ का क्या है संबंध?

जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो शरीर तनाव की स्थिति में प्रतिक्रिया दे सकता है। इससे कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है। लंबे समय तक कॉर्टिसोल का स्तर अधिक रहने पर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के संतुलन पर असर पड़ सकता है, जो मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्या पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं?

यदि शरीर लंबे समय तक डिहाइड्रेटेड रहे, तो कुछ महिलाओं में पीरियड्स देरी से आना, अधिक दर्द महसूस होना या थकान और मूड स्विंग्स जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं। हालांकि, पीरियड्स अनियमित होने के पीछे तनाव, हार्मोनल विकार, खानपान, वजन में बदलाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

ब्लड सर्कुलेशन पर भी पड़ सकता है असर

पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है। इससे पीरियड्स के दौरान ऐंठन (क्रैम्प्स) अधिक महसूस हो सकती है। इसके साथ ही चक्कर आना, कमजोरी और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

कितनी मात्रा में पानी पीना चाहिए?

हर व्यक्ति की पानी की जरूरत उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, प्यास लगने का इंतजार न करना और गर्मियों या पीरियड्स के दौरान हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखना फायदेमंद माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान

पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पिएं।

गर्मियों और पीरियड्स के दौरान तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं।

नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों को भी डाइट में शामिल करें।

अगर पीरियड्स लंबे समय तक अनियमित रहें या अत्यधिक दर्द, बहुत ज्यादा या बहुत कम रक्तस्राव हो, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

सही हाइड्रेशन न केवल शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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