आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में छोटी-छोटी बातें भूल जाना कई लोगों के लिए सामान्य बात बन गई है। अक्सर लोग इसे तनाव, काम का दबाव या बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में बार-बार भूलने की समस्या शरीर में विटामिन B12 की कमी का संकेत भी हो सकती है। यह विटामिन केवल खून बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) के स्वस्थ कामकाज के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में विटामिन B12 की कमी होने पर याददाश्त, एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, केवल भूलने की आदत के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि इसकी वजह B12 की कमी ही है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच कराना जरूरी है।
विटामिन B12 एक पानी में घुलनशील (Water-Soluble) विटामिन है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, डीएनए बनने और तंत्रिका कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी पर्याप्त मात्रा शरीर में होने से मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति बेहतर बनी रहती है। वहीं इसकी कमी होने पर शरीर और दिमाग दोनों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
जब शरीर में विटामिन B12 की कमी होती है, तो लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित हो सकता है, जिससे एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है। एनीमिया के कारण शरीर और मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे मानसिक थकान, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, कमजोरी और याददाश्त में कमी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। कुछ लोगों में हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
कुछ लोगों में विटामिन B12 की कमी का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक होता है। इनमें 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, लंबे समय से पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेने वाले लोग, पेट या आंतों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीज, लंबे समय तक एसिडिटी की दवाएं लेने वाले लोग और कुछ प्रकार की डायबिटीज की दवाएं लंबे समय तक लेने वाले मरीज शामिल हैं।
हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि हर भूलने की समस्या का कारण केवल विटामिन B12 की कमी नहीं होती। पर्याप्त नींद न लेना, लगातार तनाव, अवसाद, थायरॉयड की समस्या, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव, बढ़ती उम्र या अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी याददाश्त को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर स्वयं दवाएं या सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।
यदि आपको लगातार भूलने की समस्या, अत्यधिक थकान, कमजोरी या ध्यान लगाने में कठिनाई महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। आवश्यकता होने पर डॉक्टर विटामिन B12 की जांच सहित अन्य जरूरी टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। जांच के परिणाम के आधार पर ही सही उपचार या सप्लीमेंट शुरू किया जाना चाहिए।
विटामिन B12 की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। यह विटामिन मुख्य रूप से दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, चिकन और अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। शाकाहारी या वीगन लोगों के लिए डॉक्टर की सलाह पर फोर्टिफाइड फूड्स या सप्लीमेंट्स की आवश्यकता पड़ सकती है।
स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित स्वास्थ्य जांच न केवल विटामिन B12 की कमी से बचाने में मदद करती है, बल्कि मस्तिष्क के बेहतर स्वास्थ्य और अच्छी याददाश्त बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


