कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने इतिहास रच दिया है। शनिवार का दिन भारतीय बॉक्सिंग के लिए बेहद खास रहा, जब प्रिया घांघस, साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और जैसमीन लंबोरिया ने अपने-अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाले। वहीं पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह ने शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
भारतीय महिला खिलाड़ियों के इस दमदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बेटियां लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
प्रिया घांघस ने रोमांचक मुकाबले में जीता गोल्ड
महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रिया घांघस का मुकाबला कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदीह से हुआ। मुकाबले की शुरुआत में प्रिया पहला राउंड हार गई थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरे राउंड में बढ़त बना ली।
तीसरे और निर्णायक राउंड में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। आखिरकार जजों ने 4-1 के स्प्लिट फैसले से प्रिया को विजेता घोषित किया। इस जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीत लिया।
साक्षी चौधरी ने किया शानदार प्रदर्शन
महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी वाइट के खिलाफ एकतरफा प्रदर्शन किया। साक्षी ने पूरे मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया और 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से मुकाबला जीतकर भारत को गोल्ड मेडल दिलाया।
उनकी इस जीत ने भारतीय दल का उत्साह और बढ़ा दिया।
प्रीति पवार ने भी जीता स्वर्ण
महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में भारत की प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को पूरी तरह मात देते हुए 5-0 से मुकाबला अपने नाम किया।
प्रीति ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और विपक्षी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उनकी शानदार जीत ने भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया।
जैसमीन लंबोरिया ने बरकरार रखा दबदबा
मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की मौजूदा चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
जैसमीन ने पूरे मुकाबले में बेहतरीन तकनीक, गति और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। उनकी जीत ने भारत की बॉक्सिंग टीम के शानदार प्रदर्शन को और मजबूत किया।
जादुमणि सिंह ने जीता सिल्वर
पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में भारत के जादुमणि सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेला। उन्होंने पहले राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई, लेकिन बाद के राउंड में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने वापसी की।
अंत में जाई डिक्सन ने मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि जादुमणि सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। बावजूद इसके उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा।
जूडो में भी भारत को मिला पदक
बॉक्सिंग के अलावा जूडो में भी भारत को सफलता मिली। उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की स्काइ नोएस्टर को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे भारत के पदकों की संख्या में और बढ़ोतरी हुई।
भारत के लिए ऐतिहासिक दिन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का यह प्रदर्शन देश के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। चार स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ भारतीय बॉक्सिंग टीम ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता आने वाले एशियाई खेलों और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंटों के लिए भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाएगी।
निष्कर्ष
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अपने दमदार प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है। प्रिया घांघस, साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और जैसमीन लंबोरिया के स्वर्ण पदक तथा जादुमणि सिंह के रजत पदक ने भारत की खेल उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया।


