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RBI की FX Swap Facility को बड़ी सफलता, 31 जुलाई तक जुटाए 40.82 अरब डॉलर का विदेशी निवेश

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की Foreign Exchange (FX) Swap Facility को शानदार प्रतिक्रिया मिली है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि 31 जुलाई 2026 तक इस विशेष सुविधा के तहत 40.82 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज किया गया है। आरबीआई के अनुसार, यह योजना विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और पूंजी प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

8 जून से लगातार बढ़ा विदेशी मुद्रा प्रवाह

RBI के मुताबिक, 8 जून 2026 से इस सुविधा के तहत लगातार विदेशी मुद्रा का प्रवाह हो रहा है। बैंकों और निवेशकों ने इस योजना में अच्छी रुचि दिखाई, जिससे देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह मजबूत हुआ।

केंद्रीय बैंक का कहना है कि इस योजना ने विदेशी पूंजी आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

FCNR(B) जमा से आया सबसे ज्यादा निवेश

आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 40.816 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा प्रवाह में सबसे बड़ा योगदान FCNR(B) (Foreign Currency Non-Resident Bank Deposits) का रहा।

विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राशि इस प्रकार है—

FCNR(B) जमा: 36.725 अरब डॉलर

OFCB (Overseas Foreign Currency Borrowings): 2.575 अरब डॉलर

ECB (External Commercial Borrowings): 1.516 अरब डॉलर

इन तीनों माध्यमों से कुल मिलाकर 40.82 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज किया गया।

क्यों शुरू की गई थी यह योजना?

RBI ने 5 जून 2026 को विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने, भुगतान संतुलन (Balance of Payments) को बेहतर बनाने और पूंजी प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा की थी।

इन्हीं उपायों के तहत नई FX Swap Facility शुरू की गई, जिसमें FCNR(B) जमा, OFCB और ECB के जरिए आने वाली विदेशी मुद्रा पर रियायती स्वैप सुविधा उपलब्ध कराई गई।

देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलती है। इससे रुपये की स्थिरता बनाए रखने, आयात भुगतान में सुविधा और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है।

RBI ने क्या कहा?

केंद्रीय बैंक ने बताया कि अधिकृत डीलर बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 31 जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 40.816 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज किया गया है।

RBI का कहना है कि योजना को बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसका उद्देश्य विदेशी पूंजी को आकर्षित करना तथा वित्तीय स्थिरता को मजबूत करना है।

निष्कर्ष

RBI की FX Swap Facility को शुरुआती महीनों में ही बड़ी सफलता मिली है। 31 जुलाई तक 40.82 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह इस बात का संकेत है कि योजना को निवेशकों और बैंकों से अच्छा समर्थन मिला है। इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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