जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी का बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में छात्रों की तुलना में “पंचर और चाबी बनाने वाले” लोग अधिक मौजूद थे। उनके इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
रमेश बिधूड़ी ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल थे, जिन्हें उन्होंने “पंचर और चाबी बनाने वाले” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे उन्होंने अनुचित बताया।
मीडिया से बातचीत के दौरान बिधूड़ी ने कहा, “जंतर-मंतर पर छात्र कम थे और पंचर लगाने तथा चाबी बनाने वाले ज्यादा थे। क्या भारत का कोई बेटा या बेटी प्रधानमंत्री को गाली दे सकता है?” यह बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और कार्रवाई का भरोसा दे चुकी है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में असहमति व्यक्त करना स्वीकार्य है, लेकिन अभद्र भाषा का प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे छात्रों को माफ करते हैं और उनसे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की अपील करते हैं।
रमेश बिधूड़ी के बयान पर विपक्षी दलों और अन्य राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। खबर लिखे जाने तक इस बयान पर संबंधित छात्र संगठनों या प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का मुद्दा हाल के दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बना हुआ है। इसे लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से लगातार प्रदर्शन और बयानबाजी जारी है।


