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ट्रैवल इन्फ्लुएंसर और एक्ट्रेस शहनाज ट्रेजरी इन दिनों अपने एक ब्यूटी ट्रीटमेंट को लेकर चर्चा में हैं। शहनाज ने हाल ही में ‘वैम्पायर फेशियल’ कराया और इसका पूरा अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया। इस ट्रीटमेंट का नाम सुनकर भले ही यह थोड़ा डरावना लगे, लेकिन इसके पीछे एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया होती है, जिसमें व्यक्ति के अपने खून से तैयार किए गए प्लाज्मा का इस्तेमाल किया जाता है।

शहनाज ने अपने वीडियो में बताया कि वैम्पायर फेशियल को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए इस प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाने की कोशिश की। वीडियो में उन्होंने यह भी बताया कि कई मशहूर हस्तियां इस तरह के ट्रीटमेंट को लेकर चर्चा में रही हैं।

वैम्पायर फेशियल की शुरुआत आमतौर पर ब्लड सैंपल लेने से होती है। शहनाज के मामले में भी प्रोफेशनल ने उनके हाथ से थोड़ी मात्रा में खून लिया। यह प्रक्रिया सामान्य ब्लड टेस्ट की तरह ही होती है। इसके बाद लिए गए ब्लड को एक मशीन में प्रोसेस किया जाता है, जिससे प्लाज्मा और प्लेटलेट्स से भरपूर हिस्सा अलग किया जा सके।

इसके बाद चेहरे को सुन्न करने के लिए एनेस्थेटिक क्रीम का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मकसद माइक्रोनीडलिंग के दौरान होने वाली परेशानी को कम करना होता है। शहनाज ने अपने अनुभव में बताया कि उन्हें इस प्रक्रिया के दौरान ज्यादा दर्द महसूस नहीं हुआ। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा और दर्द सहने की क्षमता अलग होती है, इसलिए हर किसी का अनुभव एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।

इसके बाद चेहरे पर माइक्रोनीडलिंग की जाती है। इसमें बेहद छोटी सुइयों वाले डिवाइस की मदद से त्वचा पर छोटे-छोटे माइक्रोचैनल बनाए जाते हैं। इसका उद्देश्य त्वचा की सतह पर नियंत्रित तरीके से छोटे बदलाव पैदा करना होता है, ताकि इस्तेमाल किया जाने वाला PRP त्वचा तक पहुंच सके।

माइक्रोनीडलिंग के बाद व्यक्ति के अपने ब्लड से तैयार किया गया प्लाज्मा चेहरे पर लगाया जाता है। इसी वजह से इस प्रक्रिया को ‘वैम्पायर फेशियल’ कहा जाता है। इसमें किसी दूसरे व्यक्ति के खून का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि व्यक्ति के अपने ब्लड से तैयार प्लाज्मा का इस्तेमाल किया जाता है।

शहनाज ने ट्रीटमेंट के दौरान अपने चेहरे की स्थिति को मजाकिया अंदाज में भी दिखाया। माइक्रोनीडलिंग और प्लाज्मा लगाने के बाद चेहरे पर लालिमा और थोड़ी सूजन दिखाई दे सकती है। यही लुक सोशल मीडिया पर कई बार डरावना नजर आता है और इसे देखकर लोग इसे ‘वैम्पायर फेशियल’ के नाम से जोड़ते हैं।

अब सवाल यह है कि क्या इस फेशियल से तुरंत चेहरे पर ग्लो आ जाता है? सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की त्वचा पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट को तुरंत चमत्कारी ग्लो देने वाला इलाज मानना सही नहीं है।

इस तरह के ट्रीटमेंट का उद्देश्य त्वचा की बनावट और कुछ कॉस्मेटिक समस्याओं को बेहतर करने में मदद करना हो सकता है। लेकिन इसके परिणाम व्यक्ति की त्वचा, उम्र, समस्या और इस्तेमाल की गई तकनीक पर निर्भर कर सकते हैं। इसलिए सिर्फ किसी सेलिब्रिटी के अनुभव को देखकर इस प्रक्रिया को अपनाना सही फैसला नहीं माना जा सकता।

शहनाज के मुताबिक, इस ट्रीटमेंट का एक सेशन करीब 6 हजार से 15 हजार रुपये तक का हो सकता है। हालांकि, कीमत क्लिनिक, शहर, इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और ट्रीटमेंट की जरूरत के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

सबसे जरूरी बात इसकी सुरक्षा है। माइक्रोनीडलिंग में त्वचा पर छोटी सुइयों की मदद से माइक्रोचैनल बनाए जाते हैं, इसलिए इसे किसी योग्य और प्रशिक्षित प्रोफेशनल से ही करवाना चाहिए। गलत तरीके से किए जाने पर संक्रमण, त्वचा में जलन, लालिमा या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

अगर कोई व्यक्ति इस तरह का ट्रीटमेंट करवाने के बारे में सोच रहा है, तो पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। खासकर संवेदनशील त्वचा या किसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या होने पर बिना सलाह के कॉस्मेटिक प्रक्रिया करवाने से बचना चाहिए।

कुल मिलाकर, ‘वैम्पायर फेशियल’ नाम जितना डरावना लगता है, इसके पीछे की प्रक्रिया उतनी रहस्यमयी नहीं है। यह PRP और माइक्रोनीडलिंग पर आधारित कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट है। शहनाज ट्रेजरी का अनुभव फिलहाल चर्चा में है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि किसी भी ब्यूटी ट्रीटमेंट का परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। खूबसूरत और ग्लोइंग स्किन के लिए ट्रेंड को फॉलो करने से पहले अपनी त्वचा के लिए सही और सुरक्षित विकल्प चुनना ज्यादा जरूरी है।

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