रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्लास्गो में हाल ही में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की। शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने खिलाड़ियों से बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों को सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल बताते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां देशवासियों, खासकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेना और वहां पदक जीतना आसान नहीं होता। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान शारीरिक और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद भारतीय सैन्य खिलाड़ियों ने मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि ये खिलाड़ी सिर्फ भारतीय सेना या सशस्त्र बलों का गौरव नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का प्रदर्शन भी शानदार रहा। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 39 पदक हासिल किए, जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल रहे। भारतीय दल ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इन खेलों में सशस्त्र बलों से जुड़े खिलाड़ियों का योगदान भी काफी महत्वपूर्ण रहा।
भारतीय सेना के 20 खिलाड़ियों के दल ने कुल 16 पदक अपने नाम किए। इन पदकों में आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहा। वहीं भारतीय नौसेना के कर्मियों ने भी दो पदक हासिल किए। सैन्य खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन को रक्षा मंत्री ने देश के लिए गौरव का विषय बताया और उनकी मेहनत की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने महिला खिलाड़ियों की उपलब्धि का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। मुक्केबाजी में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह में से चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए। रक्षा मंत्री ने इसे भारत की बढ़ती नारी शक्ति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों की ऐसी उपलब्धियां देश की अन्य बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगी।
भारतीय सेना के नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने ऊंची कूद में रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में खास उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता को राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया। इसके अलावा नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी इतिहास रचा। उन्होंने एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स के दो पदक जीतकर विशेष उपलब्धि हासिल की।
गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता। उनके प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स में सैन्य खिलाड़ियों की भूमिका को और मजबूत किया। दो अलग-अलग लंबी दूरी की स्पर्धाओं में पदक जीतना उनके शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों को आगामी एशियाई खेलों के लिए भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रमंडल खेलों में हासिल अनुभव आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने खिलाड़ियों से इसी तरह मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ समेत भारतीय सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को देश और सशस्त्र बलों के लिए गौरवपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन और भविष्य की प्रतियोगिताओं को लेकर भी चर्चा हुई।
राष्ट्रमंडल खेलों में सैन्य खिलाड़ियों की सफलता यह भी दिखाती है कि सशस्त्र बलों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार अवसर मिल रहे हैं। खेल और सैन्य अनुशासन का यह मेल खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर रहा है। अब इन खिलाड़ियों की नजर आगामी एशियाई खेलों समेत दूसरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर रहेगी।


