नेल पेंट लगाना आजकल ज्यादातर लड़कियों और महिलाओं के ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बन चुका है। अलग-अलग रंगों की नेल पॉलिश हाथों की खूबसूरती को बढ़ा देती है और नाखूनों को आकर्षक लुक देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेल पेंट का गलत चुनाव आपके नाखूनों की सेहत पर भी असर डाल सकता है? इसलिए अगली बार नेल पेंट खरीदने से पहले सिर्फ उसके कलर और फिनिश पर नहीं, बल्कि उसके लेबल पर लिखे Ingredients पर भी जरूर ध्यान दें।
कई नेल पेंट में ऐसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो कुछ लोगों में नाखूनों या आसपास की त्वचा में जलन, सूखापन या एलर्जी जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं। खासतौर पर अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या आपको पहले से किसी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट से एलर्जी होती है, तो नेल पेंट चुनते समय ज्यादा सावधानी बरतना जरूरी है।
फॉर्मलडीहाइड ऐसा ही एक Ingredient है, जिसका इस्तेमाल कुछ नेल प्रोडक्ट्स में किया जाता है। यह नाखून को सख्त बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके संपर्क से त्वचा में जलन या एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इसलिए अगर किसी नेल पेंट को लगाने के बाद उंगलियों के आसपास लालिमा, खुजली या जलन महसूस होती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दूसरा Ingredient है जाइलीन, जिसका इस्तेमाल नेल पॉलिश के फॉर्मूले में सॉल्वेंट के तौर पर किया जा सकता है। इसकी तेज गंध के कारण नेल पेंट लगाते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन होना जरूरी है। अगर किसी प्रोडक्ट से लगातार तेज जलन या असहजता महसूस हो रही है, तो उसका इस्तेमाल रोक देना बेहतर है।
कैंफर भी कई नेल पॉलिश फॉर्मूले में इस्तेमाल होने वाला Ingredient है। कुछ लोगों की त्वचा इसके प्रति संवेदनशील हो सकती है और इसके कारण जलन या एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसलिए नेल पेंट खरीदते समय Ingredients की लिस्ट देखना एक अच्छी आदत हो सकती है।
लेकिन सिर्फ Ingredients चेक करना ही काफी नहीं है। नेल पेंट लगाने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बहुत ज्यादा मोटी परत लगाने या बार-बार नेल पेंट लगाए रखने से नाखूनों की प्राकृतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए समय-समय पर नाखूनों को बिना नेल पेंट के भी रहने देना बेहतर होता है।
नेल पेंट लगाने से पहले नाखूनों की सही तैयारी भी जरूरी है। सबसे पहले नाखूनों को साफ करें और उन पर मौजूद तेल या गंदगी को हटा लें। इसके बाद नाखूनों को अपनी पसंद के आकार में फाइल करें। अगर क्यूटिकल्स के आसपास त्वचा सूखी है तो उसे मॉइस्चराइज किया जा सकता है, लेकिन क्यूटिकल्स को बहुत ज्यादा काटने से बचना चाहिए।
इसके बाद बेस कोट लगाना भी फायदेमंद हो सकता है। बेस कोट नाखून और कलर पॉलिश के बीच एक लेयर बनाने में मदद करता है और नेल पेंट को ज्यादा साफ-सुथरा लुक दे सकता है। इसके बाद नेल पेंट की पतली परत लगाएं और उसे अच्छी तरह सूखने दें। जरूरत हो तो दूसरी पतली परत लगाई जा सकती है।
नेल पेंट को नाखूनों के आसपास की त्वचा पर फैलने से भी बचाना चाहिए। अगर पॉलिश त्वचा पर लग जाए तो उसे सूखने से पहले सावधानी से साफ कर दें। इससे नेल्स का फाइनल लुक ज्यादा साफ और प्रोफेशनल नजर आएगा।
एक और जरूरी बात यह है कि अगर नेल पेंट लगाने के बाद नाखूनों का रंग बदलने लगे, लगातार दर्द हो, सूजन आए, त्वचा में खुजली या जलन हो या नाखून कमजोर होकर टूटने लगें, तो उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। समस्या बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
नेल पेंट आपकी खूबसूरती बढ़ाने का एक आसान तरीका है, लेकिन खूबसूरती के साथ नाखूनों की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसलिए अगली बार नेल पेंट खरीदते समय सिर्फ अपनी पसंद का रंग देखकर फैसला न करें। प्रोडक्ट का लेबल पढ़ें, Ingredients पर ध्यान दें, अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट चुनें और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करें।


