Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

‘मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं’… Disha Salian केस में CBI जांच पर बोले Aaditya Thackeray

दिशा सालियान की मौत का करीब छह साल पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि मामले में शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे का नाम भी आरोपों के तौर पर सामने आता रहा है। हालांकि, आदित्य ठाकरे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

आदित्य ठाकरे से जब दिशा सालियान मामले की CBI जांच को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और वह इस पर प्रतिक्रिया क्यों दें। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से बीजेपी की ओर से उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। आदित्य ठाकरे का कहना है कि जब उनका इस मामले से कोई लेना-देना ही नहीं है, तो इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत नहीं है।

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। दिशा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी, जिसके बाद दोनों मामलों को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक स्तर पर कई तरह के सवाल उठते रहे।

शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने दिशा की मौत को लेकर आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद की जांच में पुलिस की ओर से आत्महत्या या दुर्घटनावश गिरने की संभावना पर बात कही गई थी। हालांकि दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और FIR दर्ज कर CBI जांच की मांग की।

दिशा के पिता की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की शुरुआती जांच में कई विसंगतियों पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है। इसके बाद बुधवार को हाईकोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया।

हालांकि कोर्ट के आदेश का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि किसी व्यक्ति को दोषी घोषित कर दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति को पर्याप्त सबूत मिलने से पहले आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। अगर CBI की जांच में किसी संज्ञेय अपराध के सबूत मिलते हैं, तभी आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर कोई अपराध सामने नहीं आता है तो कानून के मुताबिक मामले को बंद करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

मामले में आदित्य ठाकरे का नाम सामने आने के बाद बीजेपी नेता राम कदम ने भी उन पर सवाल उठाए हैं। राम कदम ने पूछा कि अगर आदित्य ठाकरे का दिशा सालियान की मौत से कोई संबंध नहीं है, तो पिछली सरकार के दौरान इस मामले की जांच को लेकर सवाल क्यों उठते रहे। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इनका सत्यापन CBI की जांच के बाद ही हो सकेगा।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश का सम्मान किया जाना चाहिए और CBI अब मामले की जांच करेगी। उन्होंने जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति पर निजी टिप्पणी करने से भी परहेज किया।

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि करीब छह साल बाद जांच अब एक नई एजेंसी के हाथों में पहुंच गई है। CBI पुराने रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और उपलब्ध सबूतों की नए सिरे से जांच कर सकती है। इसके साथ ही उन सवालों पर भी गौर किया जा सकता है, जिन्हें लेकर दिशा सालियान के परिवार ने अदालत का रुख किया था।

फिलहाल आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया है और साफ कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। दूसरी तरफ बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की जांच शुरू होने वाली है। अब आने वाले समय में जांच से क्या तथ्य सामने आते हैं, यही इस पूरे मामले की सबसे बड़ी कड़ी होगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles