नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है और इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनिया के कई बड़े नेता एक मंच पर मौजूद हैं। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ कूटनीतिक बैठकों और महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर ही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित खास गाला डिनर भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस डिनर में भारत की संस्कृति और खान-पान की विविधता को खास अंदाज में दुनिया के सामने पेश किया जा रहा है।
भारत मंडप में आयोजित इस विशेष डिनर को डिनर डिप्लोमेसी के तौर पर भी देखा जा रहा है। डिनर डिप्लोमेसी का मतलब है कि औपचारिक बैठकों और सख्त प्रोटोकॉल से अलग नेता खाने की मेज पर अनौपचारिक माहौल में बातचीत करते हैं। ऐसे मौकों पर नेताओं के बीच आपसी संवाद और विश्वास बढ़ाने का मौका मिलता है। कई बार बेहद गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत ज्यादा सहज माहौल में होती है।
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित इस डिनर में भारत के अलग-अलग हिस्सों के मशहूर व्यंजनों को शामिल किया गया है। यानी मेहमानों को सिर्फ खाना नहीं, बल्कि भारत की अलग-अलग संस्कृतियों और राज्यों का स्वाद भी चखने का मौका मिलेगा। मेन्यू में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्व से लेकर पश्चिम तक की खान-पान की परंपरा की झलक दिखाई देगी।
डिनर में कचौड़ी जैसे पारंपरिक भारतीय व्यंजन को भी खास जगह दी गई है। कचौड़ी भारत के कई हिस्सों में बेहद लोकप्रिय है और अलग-अलग क्षेत्रों में इसे अलग अंदाज में बनाया जाता है। विदेशी मेहमानों के लिए इसे भारतीय स्नैक्स और पारंपरिक स्वाद की झलक के तौर पर पेश किया जा रहा है।
इसके अलावा कबाब भी गाला डिनर के मेन्यू का हिस्सा बताए जा रहे हैं। भारतीय कबाब की खासियत उसके मसालों और पकाने के पारंपरिक तरीके में होती है। माना जा रहा है कि विदेशी प्रतिनिधियों के लिए यह व्यंजन भारतीय खान-पान की समृद्ध मुगलई और उत्तर भारतीय परंपरा का स्वाद पेश करेगा।
मेन्यू में नल्ली निहारी जैसे बेहद खास व्यंजन को भी शामिल किया गया है। नल्ली निहारी धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाया जाने वाला पारंपरिक व्यंजन है। इसकी खुशबू, मसालों और स्वाद की वजह से यह भारतीय व्यंजनों में अपनी अलग पहचान रखता है।
इस खास डिनर की एक और बड़ी खासियत सिर्फ मेन्यू नहीं, बल्कि इसे परोसने का अंदाज भी है। विदेशी मेहमानों के लिए जयपुर से खास सिल्वर कोटेड बर्तन मंगवाए गए हैं। इन खास बर्तनों में भारतीय व्यंजनों को परोसकर डिनर के अनुभव में राजसी अंदाज जोड़ने की कोशिश की गई है।
इस आयोजन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, शाही मेहमान और विदेशी प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सिर्फ एक डिनर नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य को दुनिया के सामने पेश करने का बड़ा अवसर भी है।
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर जब अलग-अलग देशों के नेता एक साथ बैठते हैं तो हर छोटी चीज कूटनीतिक संदेश भी देती है। खाने की मेज पर होने वाली अनौपचारिक बातचीत कई बार औपचारिक बैठकों से ज्यादा सहज होती है। यही वजह है कि डिनर डिप्लोमेसी को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काफी अहम माना जाता है।
इस पूरे आयोजन के जरिए भारत अपनी ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना और विविधता में एकता की तस्वीर भी पेश कर रहा है। एक ही मेज पर अलग-अलग देशों के नेता और दूसरी तरफ भारत के अलग-अलग राज्यों के व्यंजन—यह तस्वीर अपने आप में भारत की सांस्कृतिक विविधता को दिखाती है।
कुल मिलाकर BRICS का यह गाला डिनर सिर्फ स्वाद का कार्यक्रम नहीं है। यहां कचौड़ी, कबाब और नल्ली निहारी के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और मेहमाननवाजी भी परोसी जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस खास डिनर की मेज पर स्वाद के साथ-साथ वैश्विक राजनीति से जुड़े कौन-कौन से अहम संवाद होते हैं।


