दीये जलाने के लिए पैसा है, लेकिन छात्राओं के लिए सुरक्षित छात्रावास बनाने के लिए क्यों नहीं? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदौर में एक छात्रा से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से यह सवाल उठाया है। छात्रावास की कमी और महंगे किराये की समस्या को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि रहने की सुरक्षित जगह नहीं मिलने के कारण कई लड़कियों की पढ़ाई तक प्रभावित होती है।
आखिर इंदौर में छात्रा ने राहुल गांधी से क्या कहा और छात्रावास की कमी का मुद्दा अब चर्चा में क्यों है? आइए जानते हैं पूरा मामला।
राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा से बातचीत की थी। छात्रा ने उन्हें बताया कि वह उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए गांव से इंदौर आई है, लेकिन छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण उसे पीजी में रहना पड़ता है।
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसे हैं, हमारे छात्रावास के लिए क्यों नहीं?”
राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रा को सुरक्षित रहने के लिए पीजी में रहना पड़ रहा है, जिस पर काफी खर्च होता है। उन्होंने किराये की चिंता और बेघर होने के डर का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी ने कहा कि रहने की जगह की कमी के कारण कई लड़कियां अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो जाती हैं। उन्होंने छात्राओं के लिए सुरक्षित और किफायती छात्रावासों की जरूरत को उठाया।
इस मुद्दे को उठाते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बड़े स्तर पर हुए दीप जलाने के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि जब ऐसे आयोजनों के लिए धन उपलब्ध है, तो छात्राओं के लिए छात्रावास बनाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की जाती।
यह बयान छात्राओं की उच्च शिक्षा, आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने लाता है। गांवों और छोटे कस्बों से बड़े शहरों में पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं के सामने रहने का खर्च और सुरक्षित आवास की उपलब्धता अहम चुनौती हो सकती है।
हालांकि, राहुल गांधी के बयान में जिस छात्रा का जिक्र किया गया है, उसकी व्यक्तिगत स्थिति और छात्रावासों की उपलब्धता से जुड़े विस्तृत आंकड़े सामने नहीं आए हैं। सरकार की ओर से इस विशेष सवाल पर कोई प्रतिक्रिया भी उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
फिलहाल, राहुल गांधी ने छात्राओं के लिए सुरक्षित और कम खर्च वाले छात्रावासों की जरूरत को लेकर सरकार से सवाल किया है। अब इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और छात्रावास सुविधाओं को लेकर आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।


