एशियाई खेलों में भारत के खाते में पहुंचे छह पदक, लेकिन स्वर्ण का इंतजार अब भी बरकरार! निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने एक के बाद एक पदक जीते, तो एमएमए में सुचिका तारियाल ने कांस्य पदक हासिल कर इतिहास रच दिया। हालांकि, फाइनल में पहुंचने का उनका सपना महज 700 ग्राम के अंतर से टूट गया। उधर, हॉकी, बैडमिंटन और कबड्डी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में सोमवार को भारत ने निशानेबाजी और मिश्रित मार्शल आर्ट्स में पदक जीतकर अपनी कुल पदक संख्या छह तक पहुंचा दी। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक चार रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। हालांकि, देश को अभी पहले स्वर्ण पदक का इंतजार है।
निशानेबाजी में हिमांशु ढिल्लों, रुद्रांक्ष पाटिल और पार्थ माने ने शानदार प्रदर्शन किया। हिमांशु ने व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत, जबकि रुद्रांक्ष ने कांस्य पदक हासिल किया। इससे पहले दोनों ने पार्थ माने के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। इस तरह भारतीय निशानेबाजों ने एक ही दिन में तीन पदक अपने नाम किए।
वहीं, मिश्रित मार्शल आर्ट्स में सुचिका तारियाल ने भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। हालांकि, उनका फाइनल में पहुंचने का मौका बेहद मामूली अंतर से छूट गया। सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन वजन में 700 ग्राम अधिक होने के कारण सुचिका को फाइनल में जगह नहीं मिल सकी। नियमों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में कम वजन वाले खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।
36 वर्षीय सुचिका हरियाणा के रोहतक जिले के किलोई गांव की रहने वाली हैं। वह 2024 में जिउ-जित्सु की विश्व चैंपियन रह चुकी हैं और जूडो तथा कुराश में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। एशियाई खेलों में एमएमए का यह भारत का पहला पदक है।
टीम स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दम दिखाया। महिला हॉकी टीम ने इंडोनेशिया को 17-1 से हराकर शानदार शुरुआत की। इस जीत के बाद भारतीय टीम की नजरें आगे के मुकाबलों पर हैं। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर टीम को 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफिकेशन का मौका मिल सकता है।
बैडमिंटन में भारतीय पुरुष टीम ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। लक्ष्य सेन, के. श्रीकांत और आयुष शेट्टी ने अपने एकल मुकाबले जीतकर टीम को आगे पहुंचाया।
टेबल टेनिस में भारत की महिला और पुरुष टीमों ने पाकिस्तान को 3-0 से हराया। महिला टीम ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पुरुष टीम ने भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
कबड्डी में गत चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 49-24 से हराया, जबकि महिला टीम ने बांग्लादेश को 42-21 से शिकस्त दी। दोनों टीमों ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की।
हालांकि, तैराकी में श्रीहरि नटराज 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में दसवें स्थान पर रहे। सॉफ्ट टेनिस के मिश्रित युगल में भी भारत को हार मिली।
कुल मिलाकर, भारत के लिए दिन पदकों और कई शानदार जीतों से भरा रहा, लेकिन स्वर्ण पदक की तलाश जारी है। अब देखना होगा कि आने वाले मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी इस इंतजार को खत्म कर पाते हैं या नहीं।


