दिल्ली के यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती का मामला अब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चर्चा में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी यहां पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि इस इलाके में 729 लोग रहते हैं, लेकिन SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ एक नाम बचा है और बाकी नाम काट दिए गए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बेला एस्टेट के लोगों के मताधिकार से जुड़े सवाल उठाए। उनके मुताबिक, यहां रहने वाले लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान किया था। राहुल गांधी का दावा है कि अब SIR की ड्राफ्ट सूची में बड़ी संख्या में लोगों के नाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
बेला एस्टेट का मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस इलाके में रह रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार यमुना किनारे की बस्तियों में रहते आए हैं और उनके लिए मतदाता सूची में नाम होना पहचान और मतदान के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर उनके नाम किस आधार पर ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान अधिकारी उनके पास पहुंचे थे और उनसे संबंधित फॉर्म भी भरवाए गए थे। इसके बावजूद ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं दिखाई देने की बात सामने आई है।
दूसरी तरफ चुनावी अधिकारियों की प्रक्रिया के अनुसार, SIR के दौरान मतदाता सूची में नामों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उनके पास निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर होता है। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाती है।
यहां यह समझना भी जरूरी है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची अंतिम सूची नहीं होती। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। संबंधित अधिकारी दस्तावेजों और अन्य जानकारी की जांच के बाद निर्णय लेते हैं।
बेला एस्टेट में रहने वाले लोगों के सामने अब यही सवाल है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के जरिए अपना दावा कैसे दर्ज कराएंगे और जांच के बाद कितने नाम अंतिम मतदाता सूची में वापस शामिल होंगे।
राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पिछले चुनावों में मतदान किया था, उनके नाम अब मतदाता सूची में नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं चुनावी प्रक्रिया में यह जांच की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में उस क्षेत्र का सामान्य निवासी है या नहीं और मतदाता सूची में नाम रखने के लिए आवश्यक पात्रता पूरी करता है या नहीं।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाता सूची में नाम होना किसी भी पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार का अहम हिस्सा है। ऐसे में यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूट जाता है, तो उसके लिए दावा और आपत्ति की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है।
अब आगे की प्रक्रिया में यह साफ होगा कि बेला एस्टेट में रहने वाले कितने लोगों के नाम SIR की अंतिम मतदाता सूची में शामिल होते हैं। फिलहाल राहुल गांधी के दावे ने दिल्ली की मतदाता सूची और SIR की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।


