एशियाई खेलों में भारतीय स्क्वैश टीम को सेमीफाइनल में बड़ा झटका लगा है। महिला टीम को हांगकांग ने और पुरुष टीम को मलेशिया ने हराकर फाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। इन नतीजों के बाद भारतीय महिला और पुरुष दोनों टीमों को अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करना होगा।
महिला टीम के मुकाबले में सबसे ज्यादा उम्मीदें युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह से थीं। अनाहत ने शुरुआत शानदार अंदाज में की और हांगकांग की चान सिन युक के खिलाफ लगातार दो गेम जीतकर मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली। शुरुआती दोनों गेम में चान ने कड़ी चुनौती दी, लेकिन अनाहत ने अपने आक्रामक खेल और बेहतरीन बैकहैंड ड्रॉप के दम पर बढ़त कायम रखी।
दो गेम जीतने के बाद ऐसा लग रहा था कि अनाहत भारत को जीत की ओर ले जाएंगी, लेकिन तीसरे गेम में मुकाबले की तस्वीर बदल गई। चान सिन युक ने अपनी गति बढ़ाई और खेल में बदलाव करते हुए भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अनाहत से कुछ महत्वपूर्ण मौकों पर गलतियां हुईं और चान ने तीसरा गेम 11-6 से जीतकर वापसी कर ली।
चौथे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। एक समय अनाहत 10-7 से आगे थीं और उन्हें गेम जीतने के लिए सिर्फ एक अंक की जरूरत थी। लेकिन चान ने धैर्य नहीं खोया और लगातार अंक हासिल करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद उन्होंने 13-11 से गेम अपने नाम कर मुकाबले को पांचवें और निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
निर्णायक गेम में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा। चान सिन युक ने कोर्ट के अगले हिस्से का प्रभावी इस्तेमाल किया और अनाहत के फोरहैंड वाले हिस्से को लगातार निशाना बनाया। आखिरकार चान ने पांचवां गेम 12-10 से जीत लिया। इस तरह उन्होंने अनाहत को 9-11, 8-11, 11-6, 13-11, 12-10 के स्कोर से हराकर हांगकांग को मुकाबले में महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई।
इसके बाद भारत की अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा पर नजरें थीं। जोशना का मुकाबला टोमाटो हो से हुआ। भारतीय खिलाड़ी ने संघर्ष करते हुए वापसी की कोशिश की और तीसरे गेम में 4-10 से पिछड़ने के बाद पांच मैच प्वाइंट भी बचाए। हालांकि, आखिरकार टोमाटो हो ने मुकाबला अपने नाम कर लिया और हांगकांग ने भारत को हराकर फाइनल में जगह बना ली।
इससे पहले तन्वी खन्ना ने का यी ली को हराकर भारत की वापसी की उम्मीद जरूर जगाई थी। तन्वी ने 4-11, 13-11, 11-9, 13-11 से मुकाबला जीतकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा था। लेकिन इसके बाद जोशना की हार के साथ भारतीय महिला टीम की फाइनल में पहुंचने की उम्मीद खत्म हो गई।
पुरुष टीम के सामने भी मलेशिया की चुनौती थी। भारत के वेलावन सेंथिलकुमार को अमीशनराज चंदरन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वेलावन ने मुकाबले की शुरुआत में संघर्ष किया, लेकिन मलेशियाई खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाए रखा और 10-12, 11-6, 11-8, 11-9 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इससे पहले अभय सिंह को एनग ईन यो ने सीधे तीन गेम में 11-8, 11-8, 11-8 से हराया था। हालांकि वीर चोत्रानी ने संजय जीवा को 11-4, 11-8, 11-5 से हराकर भारत की ओर से जीत जरूर दर्ज की, लेकिन शुरुआती मुकाबलों के नतीजों के बाद भारत की स्थिति मुश्किल हो गई थी।
वेलावन सेंथिलकुमार की हार के साथ भारतीय पुरुष टीम की फाइनल में पहुंचने और खिताब बचाने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। अब भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमें कांस्य पदक के मुकाबले में उतरेंगी।
अनाहत सिंह के लिए यह मुकाबला खास तौर पर निराशाजनक रहा होगा, क्योंकि उन्होंने दो गेम की बढ़त हासिल कर ली थी और जीत से सिर्फ कुछ अंक दूर थीं। लेकिन चान सिन युक ने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन गेम जीत लिए। इस हार के साथ भारतीय स्क्वैश टीम का एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने का इंतजार फिलहाल जारी रहेगा।

