एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 2 अक्टूबर का दिन बेहद खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश को जश्न मनाने का मौका दिया। मुक्केबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती और महिला हॉकी में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
सबसे बड़ी उपलब्धि भारतीय महिला हॉकी टीम ने हासिल की। टीम ने फाइनल मुकाबले में मौजूदा चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की ओर से लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने चीन के लगातार हमलों का मजबूती से सामना किया। गोलकीपर सविता ने भी महत्वपूर्ण मौके पर पेनल्टी स्ट्रोक रोककर भारत की बढ़त कायम रखी। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
भारत के लिए तीरंदाजी में भी शानदार दिन रहा। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ की महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। तेज हवा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारतीय तिकड़ी ने शानदार धैर्य दिखाया और निर्णायक मौकों पर बेहतरीन निशाने लगाए।
इसके बाद मुक्केबाजी में भारत ने स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। खास बात यह रही कि लवलीना ने अपने जन्मदिन के दिन यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।
महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में परवीन हुड्डा ने चीनी ताइपे की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर भारत के लिए मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण हासिल किया।
कुश्ती में भी भारत को बेहद रोमांचक स्वर्ण मिला। 23 वर्षीय सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 10-9 से जीत हासिल की। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
भारत ने तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम के स्वर्ण के अलावा मिश्रित रिकर्व और पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में रजत पदक भी हासिल किए। वहीं सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने कांस्य पदक जीता और सेपकटकरा की पुरुष टीम ने भी कांस्य पदक अपने नाम किया।
एक ही दिन में छह स्वर्ण पदकों की इस उपलब्धि ने भारत की पदक तालिका में स्थिति को मजबूत किया है। भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक संख्या में बड़ा इजाफा किया है। महिला हॉकी की जीत खास तौर पर महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इसके साथ टीम ने लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण हासिल किया और ओलंपिक का टिकट भी पक्का किया।
अब एशियन गेम्स के बाकी मुकाबलों पर सभी की नजरें हैं। भारतीय खिलाड़ी जिस तरह अलग-अलग खेलों में प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे आने वाले मुकाबलों में भी पदक मिलने की उम्मीद बनी हुई है। भारत का अभियान अब तक कई यादगार प्रदर्शन से भरा रहा है और छह स्वर्ण पदकों वाला यह दिन भारतीय खेल इतिहास में एक खास अध्याय के तौर पर दर्ज हो गया है।


