महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने गांधी जी के स्वदेशी और स्वावलंबन के संदेश को याद करते हुए प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन हर भारतवासी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एक तरफ देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मना रहा है, तो दूसरी तरफ सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके स्वदेशी से स्वावलंबन के संदेश ने आजादी के आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी के नेतृत्व में देश का स्वतंत्रता आंदोलन एक बड़े जनआंदोलन में बदल गया और समाज के अलग-अलग वर्ग इसके साथ जुड़े।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार को वर्तमान समय में भी अपनाने की जरूरत है। इसी क्रम में उन्होंने लोगों से खादी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील की।
गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खादी को प्रोत्साहित करने के लिए 25 प्रतिशत छूट का ऐलान भी किया गया है। इसका उद्देश्य खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को मजबूत करना है।
खादी को महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से जोड़कर देखा जाता है। गांधी जी ने चरखे और खादी को आत्मनिर्भरता और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के प्रतीक के तौर पर जन आंदोलन का हिस्सा बनाया था। आजादी के बाद भी खादी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कुटीर उद्योग से जुड़ी रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की भावना से जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से छोटे कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।
इस मौके पर लाल बहादुर शास्त्री को भी मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि दी। शास्त्री जी का जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देश ने कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना किया था। उनका प्रसिद्ध नारा “जय जवान, जय किसान” आज भी देश की सामूहिक स्मृति का हिस्सा है।
गांधी जयंती और शास्त्री जयंती का यह अवसर देश के स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्र भारत के निर्माण में दोनों नेताओं के योगदान को याद करने का दिन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों महापुरुषों के विचारों को वर्तमान समय में अपनाने और उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
खादी पर 25 प्रतिशत छूट के ऐलान के बाद अब प्रदेश में खादी उत्पादों की खरीद को लेकर लोगों में रुचि बढ़ने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इस पहल को स्वदेशी उत्पादों और ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ है कि गांधी जी के स्वदेशी और स्वावलंबन के विचारों को केवल याद करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में भी स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए। गांधी जयंती के मौके पर खादी पर छूट का यह ऐलान इसी संदेश को आगे बढ़ाने की सरकार की कोशिश के तौर पर सामने आया है।


