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2036 ओलंपिक की मेजबानी की रेस में भारत समेत 7 देश, नवंबर में IOC के सामने होगा अहमदाबाद का प्रेजेंटेशन

2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर मुकाबला अब अगले चरण में पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति यानी IOC ने भारत समेत सात देशों को नवंबर में अपने मेजबानी प्रस्ताव पेश करने के लिए आमंत्रित किया है। भारत ने इन खेलों की मेजबानी के लिए गुजरात के अहमदाबाद शहर को चुना है। अब भारत सहित सभी इच्छुक देश ‘फ्यूचर होस्ट कमीशन’ के सामने अपने प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी रखेंगे।

IOC के मुताबिक 2036 ओलंपिक की मेजबानी में रुचि रखने वाले सात देशों में भारत, जर्मनी, हंगरी, कतर, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये शामिल हैं। इन देशों को नवंबर में अपने प्रस्ताव पेश करने का मौका मिलेगा। IOC इन प्रस्तावों का मूल्यांकन कई अलग-अलग तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं के आधार पर करेगा।

मेजबानी के लिए केवल खेलों के आयोजन स्थल उपलब्ध होना ही पर्याप्त नहीं होगा। IOC आयोजन स्थलों के मास्टर प्लान, खिलाड़ियों के अनुभव, प्रतियोगिताओं के लिए जरूरी सुविधाओं, फंडिंग की रणनीति, राजनीतिक और जनता के समर्थन के साथ-साथ मेजबान शहर और देश की आयोजन क्षमता का भी आकलन करेगा।

इसके अलावा IOC यह भी देखेगा कि ओलंपिक के आयोजन से मेजबान क्षेत्र को लंबे समय में क्या फायदा मिलेगा। खेलों के बाद तैयार होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर, स्थानीय समुदायों के लिए संभावित लाभ और खेलों से जुड़ी दीर्घकालिक विरासत को भी मेजबानी के प्रस्ताव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाएगा।

भारत ने पहली बार ओलंपिक की मेजबानी में औपचारिक रुचि दिखाई है। भारत की ओर से अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान शहर बनाया गया है। भारतीय ओलंपिक संघ यानी IOA, खेल मंत्रालय और गुजरात सरकार मिलकर इस पूरी प्रक्रिया में भारत की ओर से संवाद और तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे।

भारत ने 2024 में ओलंपिक की मेजबानी में रुचि दिखाते हुए IOC को अपना आशय पत्र सौंपा था। इसके बाद मेजबान चयन प्रक्रिया में बदलाव और समीक्षा का दौर शुरू हुआ। IOC की नई अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सदस्य देशों से राय लेने की बात कही थी।

अब नवंबर में होने वाला प्रेजेंटेशन भारत के लिए महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इस दौरान भारत को यह बताना होगा कि अहमदाबाद और गुजरात किस तरह इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी कर सकते हैं। इसमें खेल सुविधाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों के ठहरने, परिवहन, सुरक्षा और आयोजन से जुड़े अन्य इंतजामों की तस्वीर भी सामने रखनी होगी।

IOC अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने मेजबान चुनने की प्रक्रिया में खिलाड़ियों के अनुभव को महत्वपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक ओलंपिक में हिस्सा लेना किसी भी खिलाड़ी के लिए लंबे समय की मेहनत और सपने का परिणाम होता है, इसलिए भविष्य के मेजबान के लिए खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव देना प्राथमिकता होनी चाहिए।

नवंबर में होने वाले प्रेजेंटेशन के बाद प्रक्रिया अगले चरण में जाएगी। इसके बाद रणनीतिक बातचीत का दौर होगा। IOC के नए ढांचे के तहत यह प्रक्रिया मेजबान चुनने के अंतिम निर्णय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

मेजबान चुनने की अंतिम प्रक्रिया 2028 में शुरू होने की बात कही गई है। इसके बाद फ्यूचर होस्ट कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर पसंदीदा मेजबानों का चयन किया जाएगा। फिर IOC का कार्यकारी बोर्ड उन संभावित मेजबानों को अंतिम चुनाव के लिए IOC सत्र के सामने पेश करेगा।

2036 ओलंपिक के मेजबान का अंतिम फैसला 2029 के मध्य में किया जाएगा। फिलहाल भारत समेत सात देश इस रेस में हैं और नवंबर में होने वाली प्रस्तुतियों के बाद यह साफ होगा कि कौन से प्रस्ताव अगले चरण तक पहुंचते हैं। भारत के लिए अहमदाबाद की दावेदारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखने का यह महत्वपूर्ण मौका होगा।

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