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मॉरीशस में हिंसक प्रदर्शन के बाद सख्ती, दो रातों के लिए बढ़ा कर्फ्यू; अब तक 120 गिरफ्तार

पानी की किल्लत और महंगाई से परेशान जनता का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में एक महिला के घायल होने के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि सरकार को कर्फ्यू बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा। सड़कों पर बढ़ती अशांति और हिंसा की आशंका के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आखिर मॉरीशस में हालात किस कदर बिगड़ चुके हैं और अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है? आइए जानते हैं पूरी खबर।

हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय देश मॉरीशस में पानी की कमी और जीवनयापन की बढ़ती लागत को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है। पिछले सप्ताह शुरू हुए इन प्रदर्शनों ने शुक्रवार को उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब राजधानी पोर्ट लुईस से लगभग 15 किलोमीटर दक्षिण में स्थित घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके कैंप लेवियक्स में एक पुलिस अधिकारी ने 27 वर्षीय महिला को गोली मारकर घायल कर दिया।

इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देने लगा। पानी की कमी और महंगाई से पहले ही परेशान लोगों के बीच पुलिस की गोलीबारी की घटना ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया। इसके बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को फैलने से रोकने के लिए सुरक्षा उपाय तेज कर दिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गोलीबारी की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। संबंधित पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में महिला को गोली लगी और घटना के पीछे क्या कारण थे। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले गोलीबारी से जुड़े सभी तथ्यों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

लगातार बिगड़ते हालात के बीच सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में रात के समय कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। शुरुआत में कर्फ्यू मंगलवार रात साढ़े आठ बजे से बुधवार सुबह छह बजे तक लागू किया गया था। इसके बाद बुधवार को कैबिनेट की विशेष बैठक हुई, जिसमें हालात की समीक्षा की गई और प्रतिबंधों को दो और रातों तक बढ़ाने की घोषणा की गई।

नए आदेश के मुताबिक, चिह्नित क्षेत्रों में बुधवार और बृहस्पतिवार की रात साढ़े आठ बजे से अगले दिन सुबह पांच बजे तक लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई। यह प्रतिबंध शुक्रवार सुबह समाप्त होने वाला है। प्रशासन का उद्देश्य प्रभावित इलाकों में तनाव कम करना, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी नई हिंसक घटना को रोकना है।

प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि मंगलवार तक 94 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। गिरफ्तार किए गए लोगों में 16 नाबालिग और एक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसके बाद बुधवार रात की कार्रवाई में पुलिस ने 26 और लोगों को गिरफ्तार किया। इस तरह उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 120 तक पहुंच गई है।

सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। हिंसा से प्रभावित इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी। सड़कों पर लगाए गए अवरोधकों को हटाने के साथ-साथ वाहनों की जांच के लिए अतिरिक्त चौकियां भी स्थापित की जाएंगी। पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह तक सभी सड़कों से अवरोध हटा दिए गए थे। प्रशासन अब स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।

कैबिनेट की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस अपनी कार्रवाई तेज करेगी और जरूरत के मुताबिक सख्त कदम उठाएगी। हालांकि, मौजूदा संकट की जड़ पानी की कमी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे हैं, जिनको लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

फिलहाल मॉरीशस में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ जनता के असंतोष को कम करना है। कर्फ्यू और अतिरिक्त पुलिस तैनाती से हालात पर कितना नियंत्रण होता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान निकालने और देश में शांति बहाल करने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।

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