एक लड़की, जिसने बचपन में भावुक होने को अपनी कमजोरी समझ लिया था, आज उसी भावना को अपनी ताकत मानती है। और इसकी वजह हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। केरलम की रहने वाली अरुंधति ने योगी आदित्यनाथ को अपनी शादी में शामिल होने का न्योता भेजा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को हाथ से लिखी दो पन्नों की भावुक चिट्ठी भेजकर शादी में आने या कम से कम अपना आशीर्वाद देने की अपील की है। आखिर बचपन में ऐसा क्या हुआ था, जिसने अरुंधति की सोच बदल दी और उन्हें योगी आदित्यनाथ से इतना जुड़ाव महसूस होने लगा?
दरअसल, केरलम की रहने वाली अरुंधति योगी आदित्यनाथ को केवल एक राजनेता के रूप में नहीं देखतीं, बल्कि उन्हें अपने बड़े भाई की तरह मानती हैं। उनके लिए योगी से जुड़ी एक पुरानी याद बेहद खास है। अरुंधति ने अपनी चिट्ठी में बचपन के उस दौर का जिक्र किया है, जब वह छोटी-छोटी बातों पर भावुक हो जाती थीं। कई बार वह जल्दी रो पड़ती थीं और इस वजह से उन्हें लगता था कि शायद वह दूसरे लोगों के मुकाबले कमजोर हैं।
अरुंधति के मुताबिक, उनके कुछ दोस्तों का भी मानना था कि मजबूत बनने के लिए अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। ऐसी बातों का उनके मन पर असर पड़ता था। धीरे-धीरे उनके मन में यह सवाल उठने लगा कि क्या भावुक होना वास्तव में कमजोरी है? क्या अपनी भावनाओं को जाहिर करना गलत है? क्या जो व्यक्ति आसानी से रो पड़ता है, वह जिंदगी की मुश्किल परिस्थितियों का सामना नहीं कर सकता? इन सवालों के जवाब उन्हें उस समय मिले, जब उनके चचेरे भाई ने उन्हें योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो दिखाया।
इस वीडियो में योगी आदित्यनाथ भावुक नजर आ रहे थे। वीडियो देखने के बाद अरुंधति के चचेरे भाई ने उन्हें समझाया कि भावुक होने का मतलब कमजोर होना नहीं है। इंसान अपनी भावनाओं को जाहिर करते हुए भी मजबूत हो सकता है। इस बात ने अरुंधति की सोच पर गहरा असर डाला। उन्हें एहसास हुआ कि संवेदनशील होना कोई कमी नहीं है और अपनी भावनाओं को महसूस करना किसी व्यक्ति की कमजोरी का प्रमाण नहीं होता।
बचपन में मिली इस सीख को अरुंधति आज भी याद करती हैं। उनके लिए यह अनुभव केवल एक वीडियो देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भावनाओं और मजबूती को देखने का उनका नजरिया बदल दिया। यही वजह है कि वह योगी आदित्यनाथ के प्रति एक खास जुड़ाव महसूस करती हैं। अब जब उनकी जिंदगी में शादी जैसा बड़ा और यादगार मौका आया है, तो उन्होंने मुख्यमंत्री को इस खुशी में शामिल करने की इच्छा जताई है।
अरुंधति ने योगी आदित्यनाथ के नाम दो पन्नों की हाथ से लिखी चिट्ठी भेजी है। इसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां करते हुए मुख्यमंत्री से शादी में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि वह किसी कारणवश शादी में नहीं आ सकते, तो कम से कम उन्हें अपना आशीर्वाद जरूर दें। अरुंधति की यह अपील उनके लिए इस रिश्ते की भावनात्मक अहमियत को दिखाती है।
हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस निमंत्रण को स्वीकार कर पाएंगे या नहीं, इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन अरुंधति की इस चिट्ठी की खास बात यह है कि इसमें एक ऐसी सीख का जिक्र है, जिसने उनके बचपन की सोच को बदलने में भूमिका निभाई। अब उनकी इच्छा है कि जिंदगी के नए सफर की शुरुआत के मौके पर वह उस शख्स का आशीर्वाद प्राप्त करें, जिनसे जुड़ी एक याद उनके लिए बेहद मायने रखती है।


