सर्दियों में घना कोहरा अब सड़क पर सफर करने वालों के लिए बड़ी चुनौती बनने वाला है, लेकिन इस बार हादसों को रोकने के लिए योगी सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। हाईवे पर एंबुलेंस की तैनाती से लेकर अनफिट वाहनों पर कार्रवाई तक, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। आखिर कोहरे के दौरान सड़क हादसों को रोकने के लिए क्या-क्या इंतजाम किए जा रहे हैं और किन विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है? आइए जानते हैं पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश में सर्दियों के मौसम में शीतलहर और घने कोहरे के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सामने चल रहे वाहन, सड़क पर बने मोड़ और अन्य बाधाएं समय पर दिखाई नहीं देतीं। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगाने या वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं होने से टक्कर होने की आशंका बढ़ जाती है। इसी खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने सर्दियों से पहले सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार की योजना के तहत हादसों की आशंका वाले स्थानों के आसपास एंबुलेंस, पेट्रोलिंग गाड़ियां और रेस्क्यू वाहन तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि अगर कोहरे के दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो पुलिस और राहत दल समय रहते मौके पर पहुंच सकें। घायलों को जल्द चिकित्सा सहायता मिल सके और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सके। आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता से दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस संबंध में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संबंधित विभागों को सुरक्षा से जुड़े इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देने को कहा गया है, ताकि सर्दियों के दौरान वाहन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके तहत सड़कों पर बने निशानों को स्पष्ट रखने और यातायात से जुड़े संकेतकों की स्थिति सुधारने पर जोर दिया जा रहा है।
कोहरे के दौरान सड़क पर बने सफेद निशान और दिशा बताने वाले संकेतक वाहन चालकों के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। जब सामने का रास्ता साफ दिखाई नहीं देता, तब यही निशान और संकेतक सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने में मदद करते हैं। यदि सड़क पर बने निशान मिट गए हों या संकेतक खराब हों, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए संबंधित विभागों को इनकी जांच और मरम्मत समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा अनफिट वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी है। सड़कों पर चलने वाले वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। खराब हालत वाले वाहन या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहन सर्दियों के दौरान परेशानी पैदा कर सकते हैं। ऐसे में संबंधित विभागों को नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
सरकार की इस तैयारी का एक अहम हिस्सा हादसों की आशंका वाले स्थानों पर निगरानी और आपातकालीन सहायता को बेहतर बनाना है। हाईवे पर पेट्रोलिंग वाहनों की मौजूदगी से दुर्घटना की सूचना मिलने पर संबंधित टीमों को मौके तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। वहीं, रेस्क्यू वाहनों की तैनाती से जरूरत पड़ने पर राहत कार्य तेजी से किया जा सकता है।
फिलहाल सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले संबंधित विभागों को जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन निर्देशों को जमीन पर कितना प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा। कोहरे के दौरान सुरक्षित सफर के लिए सरकारी व्यवस्थाओं के साथ वाहन चालकों की सावधानी भी जरूरी है। कम दृश्यता में धीमी गति से चलना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और यातायात नियमों का पालन करना हादसों का खतरा कम करने में मदद कर सकता है।


