फेफड़ों के कैंसर की सर्जरी के बाद पोप लियो XIV को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। रोम के जेमेली अस्पताल में चार दिनों तक इलाज और स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद शनिवार को उनकी घर वापसी हुई। वैटिकन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनकी चिकित्सकीय जांच, ब्लड टेस्ट और छाती का एक्स-रे करने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की अनुमति दी। पोप के स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखा गया है। अब उनके समर्थकों और कैथोलिक समुदाय की नजरें उनकी अगली सार्वजनिक उपस्थिति पर टिकी हैं।
जानकारी के अनुसार, 71 वर्षीय पोप लियो XIV के दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से में कैंसर होने का संदेह जताया गया था। इसके बाद डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिए फेफड़े के प्रभावित हिस्से को निकाल दिया। बाद में हुई जांच में एडेनोकार्सिनोमा की पुष्टि हुई, जो फेफड़ों के कैंसर का सबसे आम प्रकार है। इस बीमारी के सामने आने के बाद पोप का अस्पताल में उपचार किया गया और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रहे।
वैटिकन के अनुसार, शनिवार सुबह की गई क्लिनिकल जांच और अन्य चिकित्सकीय परीक्षणों के नतीजे संतोषजनक रहने के बाद पोप को अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला लिया गया। हालांकि, उनकी आगे की देखभाल और स्वास्थ्य की निगरानी भी महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में रहने के दौरान उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ है। उनकी स्थिति को लेकर वैटिकन की ओर से समय-समय पर जानकारी साझा की जाती रही है।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पोप लियो XIV रविवार को अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। कार्यक्रम के अनुसार, वह सेंट पीटर्स स्क्वायर की ओर खुलने वाली एक खिड़की से श्रद्धालुओं को पारंपरिक आशीर्वाद देंगे। जेमेली अस्पताल में भर्ती होने के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी। इस कार्यक्रम को लेकर कैथोलिक समुदाय के लोगों में उत्सुकता है। हालांकि, उनकी सार्वजनिक गतिविधियां डॉक्टरों की सलाह और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों के अनुरूप ही होंगी।
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी पोप अपनी कुछ जिम्मेदारियां निभाते रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ चर्चा की और अस्पताल के चैपल में प्रार्थना सभा यानी मास का आयोजन भी किया। इन गतिविधियों से पता चलता है कि इलाज के दौरान भी वह अपने धार्मिक और प्रशासनिक दायित्वों से जुड़े रहे, हालांकि उनकी प्राथमिकता स्वास्थ्य लाभ करना थी।
इस बीच, पोप लियो XIV के नवंबर में प्रस्तावित लैटिन अमेरिका दौरे को लेकर भी जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उनकी यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाने की योजना है। हालांकि, कैंसर की सर्जरी के बाद उनके स्वास्थ्य और चिकित्सकीय सलाह को देखते हुए किसी भी यात्रा से पहले उनकी स्थिति का आकलन महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल इस दौरे में किसी बदलाव की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि पोप लियो XIV कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धार्मिक पद पर आसीन हैं और उनकी गतिविधियों पर दुनियाभर के श्रद्धालुओं की नजर रहती है। ऐसे में फेफड़ों के कैंसर की सर्जरी और अस्पताल से छुट्टी मिलने की खबर उनके अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है। अब सभी की निगाहें रविवार को होने वाली उनकी प्रस्तावित सार्वजनिक उपस्थिति और आने वाले दिनों में उनके स्वास्थ्य से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर रहेंगी।


