वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 142 प्रतिशत बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई से सितंबर तिमाही में कंपनी ने 2,649 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इस बार कंपनी के मुनाफे में आई जोरदार बढ़ोतरी के पीछे धातुओं की ऊंची कीमतों, उत्पादन में वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की मजबूती को प्रमुख कारण बताया गया है। हिंदुस्तान जिंक ने सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई को दी गई सूचना में अपने वित्तीय नतीजों की जानकारी दी। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसकी परिचालन आय भी तेजी से बढ़ी है। जुलाई से सितंबर के दौरान कंपनी की परिचालन आय 76.5 प्रतिशत बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 8,549 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने इस बार राजस्व के मोर्चे पर भी मजबूत प्रदर्शन किया है। इसके अलावा, कंपनी की कर पूर्व आय यानी ईबीआईटीडीए में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 108 प्रतिशत बढ़कर 9,285 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मुनाफे, परिचालन आय और ईबीआईटीडीए में हुई इस बढ़ोतरी से कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की मजबूती का संकेत मिलता है। धातु क्षेत्र में कीमतों का उतार-चढ़ाव कंपनियों की कमाई को सीधे प्रभावित करता है। ऐसे में धातुओं की ऊंची कीमतों और उत्पादन में बढ़ोतरी ने हिंदुस्तान जिंक के वित्तीय नतीजों को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि इस महत्वपूर्ण दौर में हिंदुस्तान जिंक का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि खनित धातु और परिष्कृत धातु के उत्पादन में रिकॉर्ड प्रदर्शन कंपनी के परिचालन, परिसंपत्तियों और कर्मचारियों की मजबूती को दर्शाता है। कंपनी के लिए उत्पादन में रिकॉर्ड प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उसकी परिचालन क्षमता और बाजार की मांग को पूरा करने की क्षमता का पता चलता है। हिंदुस्तान जिंक भारत की प्रमुख जिंक और अन्य धातु उत्पादक कंपनियों में शामिल है और वेदांता समूह का हिस्सा है। दूसरी तिमाही के नतीजों में मुनाफे की 142 प्रतिशत वृद्धि और परिचालन आय में 76.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने कंपनी के प्रदर्शन को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, किसी भी कंपनी के वित्तीय नतीजों का आकलन करते समय सिर्फ मुनाफे की वृद्धि ही नहीं, बल्कि धातुओं की कीमतों, उत्पादन लागत, बाजार की परिस्थितियों और भविष्य की मांग जैसे पहलुओं पर भी नजर रखना जरूरी होता है। कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही हिंदुस्तान जिंक के लिए मजबूत साबित हुई है। कंपनी का शुद्ध लाभ 6,412 करोड़ रुपये, परिचालन आय 15,093 करोड़ रुपये और ईबीआईटीडीए 9,285 करोड़ रुपये तक पहुंचना उसके वित्तीय प्रदर्शन में आई बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है।


