नोएडा के सेक्टर-150 में लंबे समय से अटकी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। करीब 300 एकड़ में फैली इस परियोजना के संशोधित मास्टर लेआउट प्लान को नोएडा प्राधिकरण ने मंजूरी दे दी है। सबसे खास बात यह है कि परियोजना की कुल जमीन का 70 प्रतिशत हिस्सा खेल सुविधाओं और खेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निर्धारित किया गया है। इस फैसले से न केवल शहर में खेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि आठ हजार से अधिक घर खरीदारों की उम्मीदें भी इस परियोजना से जुड़ी हुई हैं। अब सवाल यह है कि आखिर इस स्पोर्ट्स सिटी में कौन-कौन सी सुविधाएं विकसित की जाएंगी और लंबे समय से अटकी इस परियोजना को लेकर आगे क्या तस्वीर सामने आएगी?
नोएडा के सेक्टर-150 में विकसित की जा रही इस स्पोर्ट्स सिटी परियोजना का विकास लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शंस द्वारा किया जा रहा है। परियोजना के भूखंड एससी-02 के संशोधित समग्र विकास योजना यानी मास्टर लेआउट प्लान को मंजूरी मिलने के बाद खेल सुविधाओं के विकास का रास्ता आगे बढ़ने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, योजना में जमीन के उपयोग को निर्धारित करते हुए खेल गतिविधियों के लिए बड़े हिस्से को सुरक्षित रखा गया है। इस परियोजना में टेनिस केंद्र, बहुउद्देशीय इनडोर खेल परिसर, स्विमिंग पूल, गोल्फ कोर्स और क्रिकेट अकादमी जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इस स्पोर्ट्स सिटी में चार एकड़ क्षेत्र में टेनिस केंद्र विकसित किया जाएगा। इसमें कुल छह कोर्ट होंगे, जिनमें दो चैंपियनशिप कोर्ट और चार अभ्यास कोर्ट शामिल रहेंगे। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए इन कोर्ट से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे टेनिस खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा और भविष्य में यहां खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
परियोजना के तहत 2.90 एकड़ जमीन पर बहुउद्देशीय इनडोर खेल परिसर बनाने की भी योजना है। अधिकारियों के अनुसार, इस परिसर में जिम्नास्टिक, टेबल टेनिस, स्क्वैश, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और चट्टान पर चढ़ने जैसे खेलों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परिसर के साथ खिलाड़ियों की जरूरतों को पूरा करने वाली सहायक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। यदि प्रस्तावित सुविधाएं निर्धारित योजना के अनुसार विकसित होती हैं, तो खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर कई तरह के खेलों का अभ्यास करने का अवसर मिल सकता है।
स्पोर्ट्स सिटी की योजना में गोल्फ कोर्स भी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब एक दशक पहले परियोजना के नक्शे को मंजूरी दिए जाने के समय गोल्फ कोर्स के लिए 24 एकड़ जमीन निर्धारित की गई थी। इसके अलावा, तीन स्विमिंग पूल विकसित करने की योजना भी परियोजना का हिस्सा है। इन सुविधाओं का उद्देश्य स्पोर्ट्स सिटी को विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। हालांकि, इन सभी सुविधाओं के निर्माण और उनके संचालन की वास्तविक स्थिति परियोजना के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी इस परियोजना में खास व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के तहत 5.71 एकड़ में क्रिकेट अकादमी विकसित की जाएगी, जिसे एलेडेगो का समर्थन प्राप्त है। इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के मानकों के अनुरूप क्रिकेट मैदान बनाने की योजना है। इसके अतिरिक्त, परियोजना में चार एकड़ का बहुउद्देशीय खेल मैदान भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, स्पोर्ट्स सिटी में क्रिकेट से जुड़ी एक सुविधा पहले से संचालित है।
इस पूरी परियोजना से आठ हजार से अधिक घर खरीदारों के हित जुड़े हुए हैं। ऐसे में संशोधित मास्टर लेआउट प्लान को मंजूरी मिलना खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, लेआउट को मंजूरी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि परियोजना से जुड़े सभी आवासीय और अन्य कार्य पूरे हो गए हैं। खरीदारों को निर्माण, परियोजना की समयसीमा और अपने घरों से संबंधित आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी होगी।
कुल मिलाकर, नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के संशोधित मास्टर लेआउट प्लान को मंजूरी मिलने से परियोजना को आगे बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हुई है। अब सबसे अहम बात यह होगी कि प्रस्तावित खेल सुविधाओं का विकास किस गति से होता है और लंबे समय से इंतजार कर रहे घर खरीदारों को आगे कब तक राहत मिलती है।


