दशहरे की खुशियों के बीच मुंबई से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां आग की लपटों ने एक गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मियों को इस पर काबू पाने के लिए छह घंटे से ज्यादा समय तक मशक्कत करनी पड़ी। जब आग बुझने के बाद घटनास्थल की जांच की गई, तो वहां का मंजर देखकर हर कोई हैरान रह गया। गोदाम के अंदर से दो लोगों के शव बरामद हुए, जबकि चार लोग झुलस गए। आखिर आग इतनी तेजी से कैसे फैली और गोदाम के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका क्यों नहीं मिला? फिलहाल हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मुंबई के अंधेरी इलाके के साकीनाका में मंगलवार शाम यह भीषण अग्निकांड हुआ। जानकारी के मुताबिक, खैरानी रोड स्थित अब्दुल राशिद कंपाउंड में एक स्क्रैप गोदाम में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें तेजी से फैलने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे नियंत्रित करने में दमकलकर्मियों को घंटों तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मंगलवार शाम करीब 6 बजकर 18 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद लगातार आग बुझाने की कोशिशें जारी रहीं। आग इतनी देर तक धधकती रही कि इसे पूरी तरह काबू में करने के लिए बुधवार रात करीब 12 बजकर 30 मिनट तक प्रयास करने पड़े।
दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के बाद घटनास्थल की जांच शुरू की। इसी दौरान गोदाम के अंदर से दो लोगों के शव बरामद हुए। आग की चपेट में आने के कारण दोनों शव बुरी तरह जल चुके थे, जिसके चलते उनकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों के सामने अब मृतकों की पहचान करना एक अहम चुनौती है।
मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं, इस हादसे में चार अन्य लोगों के झुलसने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घायलों की हालत और उनकी पहचान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
घटनास्थल पर एयरोसोल कंटेनर भी मौजूद होने की बात सामने आई है। ऐसे कंटेनरों में दबाव के तहत गैस या अन्य पदार्थ भरे हो सकते हैं, इसलिए आग के दौरान इनकी मौजूदगी ने स्थिति को और जोखिम भरा बना दिया होगा। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण और कंटेनरों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गोदाम में आग किस वजह से लगी। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल सकेगा। संबंधित एजेंसियां घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल करेंगी।
गौरतलब है कि दशहरे के दिन मुंबई में आग लगने की यह तीसरी घटना बताई गई है। त्योहार के माहौल के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर गोदामों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल दो लोगों की मौत और चार लोगों के झुलसने से जुड़ी यह घटना पूरे इलाके में चिंता का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजर जांच पर है, जिससे पता चल सके कि आखिर इस भीषण अग्निकांड के पीछे की वजह क्या थी।


