फुटबॉल की दुनिया से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो आगामी एएफसी चैंपियंस लीग के अहम मुकाबले में मैदान पर नजर नहीं आएंगे। सऊदी अरब के मशहूर फुटबॉल क्लब अल नास्र ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में पख्ताकोर के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए रोनाल्डो को टीम में शामिल नहीं किया है। इस फैसले के बाद फुटबॉल प्रशंसकों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, रोनाल्डो को बाहर रखने की वजह चोट नहीं, बल्कि व्यस्त कार्यक्रम और लगातार लंबी यात्राओं के कारण खिलाड़ियों को आराम देना बताया गया है। लेकिन दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं ने एशियाई फुटबॉल प्रतियोगिताओं को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या क्षेत्र में मौजूदा हालात का असर अगले साल सऊदी अरब में होने वाले एशियाई कप पर भी पड़ सकता है?
दरअसल, अल नास्र के कोच आंगे पोस्टेकोग्लू ने पख्ताकोर के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम के तीन प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने का फैसला किया है। इनमें क्रिस्टियानो रोनाल्डो के अलावा फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किंग्सले कोमान और डिफेंडर मोहम्मद सिमाकन भी शामिल हैं। कोच के मुताबिक, लगातार मैच खेलने और लंबी दूरी की यात्राओं के कारण खिलाड़ियों पर काफी दबाव पड़ रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन ने उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। उज्बेकिस्तान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोच ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को आराम देना टीम की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है।
रोनाल्डो की बात करें तो वह पिछले सप्ताह शानदार फॉर्म में नजर आए थे। उन्होंने सऊदी प्रो लीग के एक मुकाबले में शानदार हैट्रिक लगाई थी। इस प्रदर्शन के साथ उनके करियर में कुल गोल की संख्या 985 तक पहुंच गई। ऐसे में प्रशंसक उम्मीद कर रहे थे कि वह एएफसी चैंपियंस लीग के मुकाबले में भी अपनी टीम के लिए मैदान पर उतरेंगे। लेकिन इस बार उन्हें आराम दिया गया है। अल नास्र की नजरें पहली बार एशियाई चैंपियन बनने पर टिकी हुई हैं, हालांकि मौजूदा सीजन में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। 32 टीमों वाली प्रतियोगिता के पश्चिमी क्षेत्र की अंक तालिका में क्लब नौवें स्थान पर है। इस क्षेत्र में खेलने वाले पांच सऊदी क्लबों में अल नास्र की स्थिति सबसे नीचे बताई जा रही है। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र की अलग-अलग अंक तालिकाएं बनाई गई हैं और दोनों क्षेत्रों की शीर्ष आठ टीमें नॉकआउट दौर में जगह बनाएंगी।
हालांकि, टीम के खराब प्रदर्शन के बावजूद कोच का मानना है कि अल नास्र अब धीरे-धीरे बेहतर लय में लौट रही है। उन्होंने कहा कि सीजन की शुरुआत में खिलाड़ियों की फिटनेस और तैयारी को लेकर कुछ परेशानियां थीं, लेकिन अब टीम की स्थिति पहले से बेहतर हो रही है। दूसरी तरफ रोनाल्डो पिछले सप्ताह भी अल नास्र के एक एशियाई मुकाबले में नहीं खेल पाए थे। दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात के क्लब अल वस्ल ने सुरक्षा कारणों से रियाद की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने उस मुकाबले को स्थगित कर दिया था। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में फुटबॉल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
इससे पहले भी अल नास्र के घरेलू मुकाबले पर सुरक्षा हालात का असर देखने को मिला था। 12 अक्टूबर को प्रतियोगिता में उसका घरेलू मुकाबला मिसाइल हमलों की खबरों के बाद लगभग एक घंटे की देरी से शुरू हुआ था। इन हमलों के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का नाम सामने आया था। हालांकि, इन घटनाओं का असर केवल क्लब फुटबॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि अब अगले साल होने वाले एशियाई कप के आयोजन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, अगले साल 7 जनवरी से सऊदी अरब में एशियाई कप फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू होनी है। लेकिन पश्चिम एशिया में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जापान फुटबॉल संघ ने चिंता जाहिर की है। जापान फुटबॉल संघ के अध्यक्ष त्सुनेयासु मियामोतो ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में वहां प्रतियोगिता आयोजित करना आसान नहीं दिखाई देता। उनके इस बयान के बाद टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। वहीं एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने कहा है कि संगठन नवंबर के अंत तक क्षेत्र के हालात पर नजर रखेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहती हैं तो टूर्नामेंट को एक साल आगे बढ़ाकर 2028 में आयोजित करने पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि, सऊदी अरब के आयोजकों की ओर से कहा गया है कि टूर्नामेंट की तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। पिछले सप्ताह सभी मुकाबलों के समय और आयोजन स्थलों को भी अंतिम रूप दिया गया है। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एशियाई कप के आयोजन कार्यक्रम में कोई बदलाव होगा या नहीं। दूसरी तरफ एशिया के दूसरे बड़े क्लब भी अपने आगामी मुकाबलों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पिछले दो बार के एशियाई चैंपियन अल अहली को कतर के क्लब अल साद के खिलाफ मुकाबला खेलना है। वहीं अल हिलाल ने सऊदी प्रो लीग में लगातार पांचवीं जीत दर्ज करके अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। इंग्लैंड के फॉरवर्ड ओली वॉटकिंस ने भी इस जीत में गोल किया। चार बार की एशियाई चैंपियन अल हिलाल का अगला मुकाबला संयुक्त अरब अमीरात के क्लब शबाब अल अहली से होना है।
फिलहाल फुटबॉल जगत की नजरें दो बड़े घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं। एक तरफ क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अल नास्र के अहम मुकाबले से आराम दिया गया है, तो दूसरी तरफ पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति ने एशियाई कप के आयोजन को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि नवंबर के अंत तक हालात को लेकर एशियाई फुटबॉल परिसंघ क्या फैसला लेता है और क्या सऊदी अरब में एशियाई कप तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित हो पाएगा या फिर फुटबॉल प्रशंसकों को किसी बड़े बदलाव का सामना करना पड़ेगा।


