दिल्ली के पॉश जंगपुरा इलाके के पंतनगर में 70 वर्षीय प्रीति कुमारी की लूटपाट के दौरान हुई हत्या के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। वारदात के बाद पुलिस ने कई एंगल से जांच शुरू की है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान एक संदिग्ध पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है। बताया जा रहा है कि यह संदिग्ध होटल में रुकता था और कथित तौर पर लग्जरी लाइफ जीता था। पुलिस अब उसकी गतिविधियों और वारदात से संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों का फोकस फिलहाल चोरी किए गए सामान की बरामदगी पर भी है। पुलिस संदिग्ध से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद कथित तौर पर लूटे गए सामान को कहां ले जाया गया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटानी शुरू की। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय इलाके में कौन-कौन लोग मौजूद थे और वारदात के बाद कौन संदिग्ध तरीके से वहां से निकला।
जंगपुरा का पंतनगर इलाका राजधानी के पॉश इलाकों में शामिल है। ऐसे इलाके में बुजुर्ग महिला की हत्या और लूट की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। पुलिस की कई टीमें मामले से जुड़े हर संभावित सुराग को जोड़ने में जुटी हैं।
जांच में पुलिस संदिग्धों की गतिविधियों, उनके संपर्कों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों को भी खंगाल रही है। होटल में ठहरने और कथित तौर पर महंगी जीवनशैली जीने वाले संदिग्ध को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है कि उसकी आमदनी का स्रोत क्या था और क्या उसके पास अचानक से कोई ऐसी संपत्ति या सामान आया था, जिसका संबंध इस वारदात से हो सकता है।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी संदिग्ध को हत्या का आरोपी मानना सही नहीं होगा। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की नजर सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों से पूछताछ और कथित तौर पर चोरी किए गए सामान की बरामदगी पर है। आने वाले समय में जांच के दौरान मिले सबूतों से यह साफ हो सकता है कि बुजुर्ग महिला की हत्या और लूट की इस वारदात के पीछे कौन लोग थे और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया।


