जन्माष्टमी का त्योहार बेहद खास होता है और इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है। अगर आप इस बार घर पर कुछ स्वादिष्ट और आसानी से बनने वाली मिठाई बनाना चाहती हैं, तो आटे और गोंद की बर्फी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इसकी खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए न मावे की जरूरत है और न ही चाशनी तैयार करने की झंझट।
इस बर्फी को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए एक कप गेहूं का आटा, 3 से 4 बड़े चम्मच खाने वाला गोंद, आधा कप देसी घी, तीन चौथाई कप कद्दूकस किया हुआ गुड़ या पिसी चीनी या बूरा, करीब 2 बड़े चम्मच काजू-बादाम, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और चाहें तो थोड़ा जायफल पाउडर चाहिए।
सबसे पहले एक कड़ाही में करीब दो बड़े चम्मच देसी घी गर्म करें। घी गर्म होने के बाद इसमें खाने वाला गोंद डालें और मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। गोंद जब अच्छी तरह फूल जाए और कुरकुरा हो जाए, तब इसे कड़ाही से निकालकर एक प्लेट में रख दें।
अब गोंद को थोड़ा ठंडा होने दें। जब यह पूरी तरह ठंडा हो जाए तो किसी भारी चीज या कटोरी के पेंदे की मदद से इसे दरदरा कूट लें। ध्यान रखें कि गोंद को बिल्कुल बारीक पाउडर बनाने की जरूरत नहीं है। हल्का दरदरा गोंद बर्फी में अच्छा टेक्सचर देता है।
इसके बाद उसी कड़ाही में बचा हुआ देसी घी डालें और उसमें एक कप गेहूं का आटा डाल दें। अब आटे को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनना शुरू करें। इस स्टेप में बिल्कुल जल्दबाजी न करें, क्योंकि आटा जितनी अच्छी तरह भुनेगा, बर्फी का स्वाद और खुशबू उतनी ही बेहतर आएगी।
जब आटे का रंग हल्का सुनहरा होने लगे और उसमें सोंधी खुशबू आने लगे, तब इसमें कटे हुए काजू-बादाम डाल दें। आप चाहें तो अपनी पसंद के दूसरे ड्राई फ्रूट्स भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके बाद इसमें दरदरा किया हुआ गोंद और इलायची पाउडर डालकर सभी चीजों को धीमी आंच पर करीब एक मिनट तक अच्छी तरह मिला लें।
अब सबसे जरूरी स्टेप आता है। गैस बंद कर दें और इस मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़, पिसी चीनी या बूरा डालें और अच्छी तरह मिला दें। ध्यान रखें कि गुड़ या चीनी को गैस चालू करके गर्म मिश्रण में नहीं डालना है। ऐसा करने से मिश्रण का टेक्सचर खराब हो सकता है और बर्फी जरूरत से ज्यादा सख्त हो सकती है।
अब एक प्लेट या बर्फी जमाने वाली ट्रे लें और उसमें थोड़ा देसी घी लगाकर अच्छी तरह चिकना कर लें। तैयार मिश्रण को ट्रे में डालें और चम्मच या कटोरी की मदद से दबाकर बराबर फैला दें। अगर आप चाहें तो ऊपर से बारीक कटे हुए काजू-बादाम भी डाल सकती हैं।
इसके बाद बर्फी के मिश्रण को करीब 15 से 20 मिनट तक सेट होने दें। जब मिश्रण अच्छी तरह जम जाए, तब चाकू की मदद से इसे चौकोर या अपनी पसंद के आकार में काट लें। बर्फी को पूरी तरह ठंडा होने के बाद सावधानी से प्लेट से निकालें।
इस रेसिपी में कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। गोंद को तेज आंच पर न भूनें, वरना वह बाहर से जल सकता है और सही तरीके से फूल नहीं पाएगा। इसे अच्छी तरह फूलने और कुरकुरा होने तक मध्यम या नियंत्रित आंच पर भूनना बेहतर है।
इसी तरह गेहूं के आटे को भी धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। अगर आटा नीचे से जल गया तो पूरी बर्फी का स्वाद खराब हो सकता है। गोंद को कूटने से पहले उसका पूरी तरह ठंडा होना भी जरूरी है।
गुड़, चीनी या बूरा डालते समय गैस बंद रखें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके अलावा बर्फी को बहुत गर्म अवस्था में काटने की कोशिश न करें। पहले इसे अच्छी तरह सेट होने दें, तभी साफ आकार में काटना आसान होगा।
तो इस जन्माष्टमी अगर आप भगवान श्रीकृष्ण के लिए घर पर बिना मावा और बिना चाशनी वाली मिठाई बनाना चाहती हैं, तो आटे और गोंद की बर्फी जरूर ट्राई कर सकती हैं। इसे बनाना आसान है, सामग्री भी आसानी से मिल जाती है और सही तरीके से तैयार करने पर इसका स्वाद बेहद स्वादिष्ट हो सकता है।


