बेंगलुरु में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया। पूर्व क्षेत्र की ओर से खेलते हुए वैभव ने 92 रन की आक्रामक पारी खेली। हालांकि वह अपने पहले प्रथम श्रेणी शतक से महज आठ रन दूर रह गए, लेकिन उनकी इस पारी ने उन्हें दलीप ट्रॉफी के इतिहास में एक खास रिकॉर्ड का हिस्सा बना दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 1969 में 16 साल की उम्र में अर्धशतक लगाने वाले लक्ष्मण सिंह का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। महज 15 साल की उम्र में लाल गेंद के क्रिकेट में इस तरह की पारी खेलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पूर्व क्षेत्र ने अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए और पूरी टीम ऑलआउट हो गई। खास बात यह रही कि मध्य क्षेत्र ने भी पहली पारी में 266 रन ही बनाए थे। यानी दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा और पूर्व क्षेत्र पहली पारी में बढ़त हासिल करने से चूक गया।
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी के दौरान शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। उनकी बल्लेबाजी में शॉट्स की शानदार रेंज देखने को मिली। तेज गेंदबाज यश ठाकुर के खिलाफ उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से जोरदार छक्का लगाया और इसके बाद उनकी गेंदों पर कई चौके भी जड़े।
युवा बल्लेबाज ने इसके बाद स्पिन गेंदबाजों को भी निशाना बनाया। भारतीय ऑफ स्पिनर सारांश जैन की गेंद को उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से छक्के के लिए भेजा और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद हर्ष दुबे और आर्यन पांडे की गेंदों पर भी वैभव ने बड़े शॉट लगाए।
हालांकि 40 रन के निजी स्कोर पर वैभव को जीवनदान भी मिला। सारांश जैन की गेंद पर यश राठौड़ ने बैकवर्ड प्वाइंट पर उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद वैभव ने मौके का पूरा फायदा उठाया और अपनी पारी को तेजी से आगे बढ़ाया।
वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पूर्व क्षेत्र को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 161 रन की शानदार साझेदारी की। ईश्वरन ने भी 106 गेंदों पर 69 रन की संयमित पारी खेली और वैभव का अच्छी तरह साथ दिया।
वैभव 90 के पार पहुंचने के बाद शतक के बेहद करीब थे। दर्शकों को उम्मीद थी कि 15 साल का यह बल्लेबाज प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक पूरा करेगा। लेकिन हर्ष दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में उनका स्लॉग-स्वीप डीप मिडविकेट पर अरशद खान के हाथों में चला गया।
वैभव 92 रन बनाकर पवेलियन लौटे। आउट होने के बाद उनके चेहरे पर शतक से चूकने की निराशा साफ दिखाई दी। हालांकि उनकी पारी ने पूर्व क्षेत्र के स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
वैभव के आउट होने के बाद पूर्व क्षेत्र की पारी तेजी से बिखर गई। हर्ष दुबे ने अगली ही गेंद पर कुमार कुशाग्र को स्लिप में कैच करा दिया। इसके बाद आर्यन पांडे ने अभिमन्यु ईश्वरन को पगबाधा आउट किया।
पांडे ने इसके बाद विराट सिंह और सुदीप कुमार घरामी को भी जल्दी आउट कर दिया। 213 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद पूर्व क्षेत्र के बल्लेबाज दबाव में आ गए। टीम के कुछ बल्लेबाजों ने संभलकर खेलने के बजाय आक्रामक शॉट लगाने की कोशिश की, जिसका फायदा मध्य क्षेत्र के गेंदबाजों को मिला।
मध्य क्षेत्र की ओर से हर्ष दुबे ने चार विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर और आर्यन पांडे ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। इन गेंदबाजों ने मिलकर पूर्व क्षेत्र के सभी 10 विकेट चटकाए और टीम को 266 रन पर समेट दिया।
दिन का खेल खत्म होने तक मध्य क्षेत्र ने अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट पर 45 रन बना लिए थे। कप्तान रजत पाटीदार को स्टंप्स से कुछ मिनट पहले मुकेश कुमार ने आउट कर बड़ा झटका दिया। दिन का खेल समाप्त होने पर अमन मोखाड़े 23 और आर्यन पांडे 4 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
मुकाबले में स्कोर बराबर होने के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की 92 रन की पारी की हो रही है। शतक भले ही उनसे दूर रह गया, लेकिन दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाकर वैभव ने लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी प्रतिभा की एक और झलक दिखा दी है।


