गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही घरों में बप्पा के स्वागत और उनके पसंदीदा भोग की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। भगवान गणेश को मोदक बेहद प्रिय माना जाता है और यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के दौरान अलग-अलग तरह के मोदक बनाए जाते हैं। अगर आप इस बार पारंपरिक मोदक से कुछ अलग और खास बनाना चाहते हैं, तो रसमलाई मोदक एक शानदार विकल्प हो सकता है। खास बात यह है कि इसे कम समय में तैयार किया जा सकता है और इसके लिए मावा की भी जरूरत नहीं पड़ती।
सोशल मीडिया पर डिजिटल क्रिएटर हर्षिता शर्मा ने रसमलाई मोदक की एक आसान रेसिपी साझा की है। इस रेसिपी में पनीर, केसर और मिल्क पाउडर जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे तैयार करने में ज्यादा समय भी नहीं लगता। ऐसे में त्योहार के मौके पर अगर आपके पास समय कम है, तो यह झटपट बनने वाली मिठाई बप्पा के भोग के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है।
रसमलाई मोदक बनाने के लिए सबसे पहले करीब 200 ग्राम ताजा पनीर लें। पनीर को छोटे टुकड़ों में तोड़कर मिक्सी जार में डाल दें। इसके बाद एक छोटी कटोरी में 2 से 3 चम्मच गर्म दूध लेकर उसमें कुछ केसर के धागे भिगो दें। कुछ देर बाद जब दूध में केसर का रंग और खुशबू अच्छी तरह आ जाए, तो इसे पनीर के साथ मिक्सी में डाल दें। दोनों चीजों को अच्छी तरह ब्लेंड करके एकदम स्मूथ और क्रीमी पेस्ट तैयार कर लें।
अब गैस पर एक नॉन-स्टिक पैन रखें और उसमें करीब एक छोटा चम्मच देसी घी डालें। घी हल्का गर्म होने पर तैयार किया हुआ पनीर और केसर का पेस्ट पैन में डाल दें। इसके बाद इसमें आधा कप मिल्क पाउडर और स्वाद के अनुसार करीब 3 से 4 चम्मच पिसी हुई चीनी डालें। सभी सामग्री को स्पैटुला की मदद से अच्छी तरह मिलाते रहें, ताकि मिश्रण पैन के तले में चिपके नहीं।
मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाना जरूरी है। चीनी और मिल्क पाउडर अच्छी तरह मिलते ही मिश्रण कुछ समय के लिए थोड़ा पतला नजर आ सकता है। इसी दौरान इसमें करीब एक छोटा चम्मच इलायची पाउडर डालें। अब इसे लगातार चलाते हुए करीब 3 से 4 मिनट तक पकाएं। धीरे-धीरे मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा और पैन के किनारों को छोड़कर डो जैसी कंसिस्टेंसी में आ जाएगा। इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को एक बाउल में निकालकर हल्का ठंडा होने दें।
जब मिश्रण हल्का ठंडा हो जाए, तो इसमें बारीक कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता डाल सकते हैं। इसके साथ सूखी गुलाब की पंखुड़ियां भी मिलाई जा सकती हैं। ड्राय फ्रूट्स और गुलाब की पंखुड़ियां रसमलाई मोदक के स्वाद और टेक्सचर को और बेहतर बनाती हैं। सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिलाकर मिश्रण को एकसार कर लें।
अब मोदक को आकार देने की बारी आती है। इसके लिए मोदक का सांचा लें और उसमें हल्का-सा घी लगा दें, ताकि मोदक आसानी से बाहर निकल सके। तैयार मिश्रण को सांचे में भरें और दोनों तरफ से अच्छी तरह दबाएं। सांचे को बंद करने के बाद मिश्रण को ठीक से प्रेस करें, ताकि मोदक को खूबसूरत और परफेक्ट शेप मिल सके। इसके बाद सावधानी से सांचा खोलें और मोदक बाहर निकाल लें।
आखिर में सभी रसमलाई मोदक को सुंदर प्लेट में सजाएं। इन्हें शाही लुक देने के लिए ऊपर से थोड़े चांदी के वर्क, पिस्ता या गुलाब की पंखुड़ियों से गार्निश किया जा सकता है। इस तरह कम समय में बिना मावा के स्वादिष्ट और आकर्षक रसमलाई मोदक तैयार हो जाएंगे। इन्हें आप गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को भोग में अर्पित कर सकते हैं और परिवार के साथ प्रसाद के रूप में भी परोस सकते हैं।


