भारतीय हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को एकतरफा अंदाज में 5-1 से शिकस्त दी। इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार रहीं सुप्रिया, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। सुप्रिया ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए तीन गोल दागे और दक्षिण कोरिया की टीम को पूरे मैच में दबाव में रखा।
मुकाबले की शुरुआत भारत ने संभलकर की, लेकिन टीम ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। भारत के लगातार हमलों के बीच 13वें मिनट में मधु सिदार ने शानदार गोल कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। मधु ने एक बेहतरीन अटैकिंग मूव को गोल में तब्दील करते हुए भारत को 1-0 से आगे कर दिया।
पहला गोल करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने दक्षिण कोरिया के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। यहीं से सुप्रिया ने अपना जलवा दिखाना शुरू किया। ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट सुप्रिया ने पेनल्टी कॉर्नर को शानदार तरीके से गोल में बदलते हुए भारत की बढ़त को लगातार मजबूत किया।
सुप्रिया के सटीक ड्रैग-फ्लिक के सामने दक्षिण कोरिया का डिफेंस बेबस नजर आया। उन्होंने मुकाबले में तीन गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की। उनकी इस शानदार फिनिशिंग ने भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पूरी तरह नियंत्रण में ला दिया।
दक्षिण कोरिया ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसके ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया। भारत ने अटैक और डिफेंस के बीच शानदार तालमेल दिखाया। भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मौके मिलते ही गोल करने की कोशिश की।
मुकाबले में भारत की ओर से सुखवीर कौर ने भी गोल किया। इस तरह भारतीय टीम ने कुल पांच गोल दागे और दक्षिण कोरिया को सिर्फ एक गोल करने का मौका दिया। 5-1 की इस बड़ी जीत के साथ भारत ने फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
भारतीय टीम के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह मौजूदा चैंपियन है और अब उसके पास अपने खिताब को बचाने का मौका है। सेमीफाइनल में जिस अंदाज में टीम ने प्रदर्शन किया है, उससे फाइनल से पहले भारतीय खेमे का आत्मविश्वास निश्चित तौर पर बढ़ा होगा।
अब फाइनल में भारत का सामना चीन या जापान से होगा। दूसरे सेमीफाइनल के नतीजे के बाद यह तय होगा कि खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम के सामने कौन सी चुनौती होगी। लेकिन सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ 5-1 की जीत के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि वह खिताब बचाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सबसे ज्यादा नजर अब सुप्रिया पर रहेगी, जिन्होंने सेमीफाइनल में हैट्रिक लगाकर टीम को फाइनल तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। पेनल्टी कॉर्नर पर उनकी शानदार ड्रैग-फ्लिक भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुई। अब फैंस को उम्मीद है कि फाइनल में भी भारतीय खिलाड़ी इसी लय को बरकरार रखेंगे और एक बार फिर एशिया कप की ट्रॉफी भारत के नाम करेंगे।


