दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। गुरुवार को दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने राजधानी के सभी 12 जोन में अभियान चलाते हुए 39 जगहों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इसके अलावा छह प्रॉपर्टी को सील किया गया, जबकि पांच अन्य जगहों के लिए तोड़फोड़ के आदेश जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करने वाली और सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक मानी जा रही इमारतों को निशाना बनाया गया। शाहीन बाग सहित कई इलाकों में कार्रवाई की खबर सामने आई है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। इसी पृष्ठभूमि में एमसीडी ने अपने अलग-अलग जोन में कार्रवाई का अभियान तेज किया है। नगर निगम की ओर से की गई इस कार्रवाई का दायरा राजधानी के सभी 12 जोन तक रहा। गुरुवार को कुल 39 स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जिससे अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान की व्यापकता सामने आई है।
एमसीडी की कार्रवाई में केवल तोड़फोड़ ही नहीं, बल्कि संपत्तियों को सील करने का कदम भी शामिल रहा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वाली छह प्रॉपर्टी को सील किया गया है। इसके साथ ही पांच जगहों पर आगे तोड़फोड़ करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। यानी कुछ स्थानों पर कार्रवाई पूरी की गई, जबकि कुछ अन्य जगहों पर आगे की कार्रवाई के लिए आदेश दिए गए हैं।
इस अभियान में शाहीन बाग का नाम भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में शाहीन बाग में ध्वस्त किए गए निर्माणों की सटीक संख्या, संपत्तियों के मालिकों की जानकारी या कार्रवाई के दौरान सामने आई किसी विशेष घटना का उल्लेख नहीं है। इसलिए इन बिंदुओं पर फिलहाल कोई अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।
नगर निगम की कार्रवाई का मुख्य केंद्र बिना मंजूरी किए गए निर्माण और सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक इमारतें बताई गई हैं। ऐसे निर्माणों को लेकर स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि संबंधित नियमों के तहत जांच और कार्रवाई की जाए। सत्य निकेतन हादसे के बाद इस तरह के कदमों को लेकर राजधानी में लोगों की निगाहें नगर निगम की गतिविधियों पर बनी हुई हैं।
39 जगहों पर तोड़फोड़, छह संपत्तियों को सील करने और पांच स्थानों के लिए आदेश जारी होने के आंकड़े इस अभियान के दायरे को दर्शाते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सभी स्थानों पर किस तरह का निर्माण था, कितनी इमारतें पूरी तरह या आंशिक रूप से ध्वस्त की गईं और कितने लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा। इन सवालों के जवाब के लिए एमसीडी की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना होगा।
दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के बीच एक अहम सवाल यह भी है कि खतरनाक इमारतों की पहचान किस प्रक्रिया से की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संपत्ति मालिकों को क्या निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही, प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की जाती है, यह भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल गुरुवार की कार्रवाई में एमसीडी ने राजधानी के सभी 12 जोन में 39 जगहों पर ध्वस्तीकरण किया है, छह प्रॉपर्टी सील की हैं और पांच अन्य स्थानों के लिए तोड़फोड़ के आदेश जारी किए हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई के आगे भी जारी रहने की संभावना पर नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि नगर निगम आने वाले दिनों में किन इलाकों में अभियान चलाता है और अवैध निर्माण तथा खतरनाक इमारतों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


