क्या भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की लंदन स्थित करोड़ों की संपत्ति अब बिकने जा रही है? ब्रिटेन की अदालत से आए एक बड़े फैसले के बाद इस संपत्ति की बिक्री का रास्ता साफ हो गया है। मध्य लंदन स्थित नीरव मोदी से जुड़े 103 मैराथन हाउस अपार्टमेंट को अब कम से कम 37.5 लाख पाउंड में बेचने की मंजूरी दे दी गई है। लेकिन इस बिक्री से मिलने वाली रकम सीधे नीरव मोदी के हाथ में नहीं जाएगी, बल्कि पहले बकाया ऋण और दूसरी जरूरी देनदारियों का भुगतान किया जाएगा।
ब्रिटेन के उच्च न्यायालय के चांसरी डिवीजन में हुई सुनवाई के दौरान मास्टर जेम्स ब्राइटवेल ने इस संपत्ति की बिक्री को मंजूरी दी। अदालत ने संपत्ति के लिए न्यूनतम 37.5 लाख पाउंड की कीमत तय की है। भारतीय मुद्रा में देखें तो यह रकम करोड़ों रुपये के बराबर है। बिक्री पूरी होने के बाद प्राप्त रकम में से पहले उन देनदारियों को चुकाया जाएगा, जिनका भुगतान कानूनी तौर पर जरूरी है। इसके बाद बची हुई रकम को सुरक्षित खाते में जमा किया जाएगा।
यह मामला नीरव मोदी से जुड़ा है, जिस पर भारत में पंजाब नेशनल बैंक से करीब दो अरब अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी और धनशोधन से जुड़े आरोप हैं। साल 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तारी के बाद से नीरव मोदी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहा है। फिलहाल वह दक्षिण-पश्चिम लंदन स्थित एचएमपी वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।
अदालत में इस मामले से जुड़ी ट्राइडेंट ट्रस्ट कंपनी सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड दावाकर्ता के तौर पर शामिल थी। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पहले यह दलील दी गई थी कि ट्रस्ट की जरूरी देनदारियों का भुगतान करने के बाद संपत्ति की बिक्री से प्राप्त रकम को सुरक्षित खाते में रखा जाना चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि इस संपत्ति की बिक्री का मामला नया नहीं है। अदालत पहले ही 2023 में इसकी बिक्री का आदेश दे चुकी थी। इसके बाद 2024 में बिक्री मूल्य को कम करने के लिए एक और आदेश जारी किया गया था। अदालत के अनुसार, यह आदेश संबंधित अन्य पक्षों की सहमति से पारित हुआ था।
सुनवाई के दौरान नीरव मोदी भी जेल से वीडियो लिंक के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुआ। वह इस संपत्ति की बिक्री का विरोध करने वाले नामित प्रतिवादियों में से एक था। हालांकि अदालत ने अब 103 मैराथन हाउस को न्यूनतम 37.5 लाख पाउंड में बेचने की अनुमति दे दी है।
इस फैसले के बाद अब आगे की प्रक्रिया में संपत्ति की बिक्री महत्वपूर्ण होगी। अगर संपत्ति न्यूनतम तय कीमत से अधिक पर बिकती है तो बिक्री से मिलने वाली कुल रकम भी बढ़ सकती है। हालांकि अंतिम रकम कितनी होगी और देनदारियों के भुगतान के बाद कितना पैसा बचेगा, यह बिक्री पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का मामला भी लंबे समय से ब्रिटेन की अदालतों में चल रहा है। उसे 19 मार्च 2019 को स्कॉटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने प्रत्यर्पण वारंट के आधार पर मध्य लंदन स्थित मेट्रो बैंक की एक शाखा से गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि एक अधिकारी ने उसे उस समय पहचान लिया था, जब वह बैंक में खाता खोलने की कोशिश कर रहा था।
वहीं, उसकी भारत वापसी से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के बीच राजनीतिक शरण के लिए दूसरा दावा दायर किए जाने की बात भी सामने आई है। यह दावा भारत प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के उसके कानूनी प्रयासों से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि इस दावे पर अंतिम फैसला क्या होगा, यह आगे की कानूनी प्रक्रिया से तय होगा।
फिलहाल नीरव मोदी से जुड़ी लंदन की संपत्ति की बिक्री को मिली अदालत की मंजूरी इस पूरे मामले का नया घटनाक्रम है। अब देखना होगा कि 103 मैराथन हाउस कितनी कीमत में बिकता है और बिक्री से प्राप्त रकम में से बकाया ऋण और अन्य देनदारियों के भुगतान के बाद कितनी राशि सुरक्षित खाते में जमा होती है।


